संवाददाता
कानपुर देहात, 15 जून 2026
प्रदेश में पोषक अनाज (मिलेट्स/श्री अन्न) के उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन एवं उपभोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के तहत जनपद कानपुर देहात में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस योजना के माध्यम से कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ), निजी उद्यमियों तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के महिला स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न परियोजनाओं के लिए सरकारी एवं वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
उप कृषि निदेशक हरीशंकर भार्गव ने बताया कि इच्छुक एवं पात्र संगठन कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल up.gov.in पर निर्धारित समयावधि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आवेदन से लेकर चयन तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, पेपरलेस एवं डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी।
विभिन्न घटकों पर मिलेगा आकर्षक अनुदान
योजना के तहत सीड मनी घटक में मिलेट्स बीज उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक कृषक उत्पादक संगठन को लगभग 4 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 जून 2026 निर्धारित की गई है।
इसके अलावा अन्य व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए भी विशेष अनुदान का प्रावधान किया गया है—
- मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट: अधिकतम 47.5 लाख रुपये
- मिलेट्स स्टोर: अधिकतम 20 लाख रुपये
- मिलेट्स मोबाइल आउटलेट: अधिकतम 10 लाख रुपये
इन योजनाओं के लिए आवेदन 20 जून से 30 जून 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे।
पात्रता की प्रमुख शर्तें
सीड मनी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए संबंधित कृषक उत्पादक संगठन का एफपीओ शक्ति पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। संगठन कम से कम दो वर्ष पुराना, 200 सक्रिय शेयरधारकों वाला तथा उसका वार्षिक टर्नओवर 10 लाख रुपये होना चाहिए। साथ ही उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के साथ बीज उत्पादन का आधिकारिक एमओयू होना भी आवश्यक है।
वहीं मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट के लिए एफपीओ अथवा निजी उद्यमी का व्यवसाय कम से कम तीन वर्ष पुराना होना चाहिए तथा निर्धारित वार्षिक टर्नओवर एवं टैक्स ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
महिला समूहों को मिलेगी प्राथमिकता
योजना के अंतर्गत कोई भी आवेदक मिलेट्स स्टोर या मोबाइल आउटलेट में से केवल एक ही घटक के लिए आवेदन कर सकेगा। महिला निदेशकों की अधिकता वाले कृषक उत्पादक संगठनों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों को चयन प्रक्रिया में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
भौतिक सत्यापन के बाद होगा अंतिम चयन
ऑनलाइन प्राप्त सभी आवेदनों का जिला स्तरीय समिति द्वारा विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद प्रस्तावित स्थल, दुकान, वाहन एवं प्रसंस्करण इकाई का विभागीय टीम द्वारा भौतिक एवं फोटोग्राफिक सत्यापन किया जाएगा। गलत जानकारी, अपूर्ण दस्तावेज अथवा किसी अन्य योजना से दोहरा लाभ लेने की स्थिति में आवेदन तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा।
सभी पात्र एवं सत्यापित आवेदनों को जिला स्तर से डिजिटल स्वीकृति के बाद अंतिम मंजूरी के लिए राज्य मुख्यालय भेजा जाएगा।
उप कृषि निदेशक हरीशंकर भार्गव ने जनपद के सभी पात्र कृषक उत्पादक संगठनों, निजी उद्यमियों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों से अपील की है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर इस महत्वाकांक्षी योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।