संवाददाता | कानपुर देहात
जिलाधिकारी कपिल सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी के नेतृत्व में विकासखंड सरवनखेड़ा में बाल संरक्षण समिति एवं “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” योजना के अंतर्गत प्रथम त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी खंड विकास अधिकारी विमल सचान ने की।
बैठक में बाल अधिकारों, बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा एवं सशक्तिकरण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को लिंग आधारित भेदभाव समाप्त करने तथा बालिकाओं की सुरक्षा एवं शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी हर्ष मोहन सचान ने बालिका लिंगानुपात एवं पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 के प्रावधानों पर जानकारी दी। वहीं सहायक विकास अधिकारी पंचायत द्वारा किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं बाल संरक्षण से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।
सामाजिक कार्यकर्ता दीपिका सिंह सेंगर ने पॉक्सो एक्ट 2012, बाल विवाह से होने वाले नुकसान तथा महिला हेल्प डेस्क की जानकारी दी। जिला मिशन समन्वयक प्रतिमा श्रीवास्तव ने “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” योजना के उद्देश्यों, गुड टच-बैड टच एवं स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।
जेंडर स्पेशलिस्ट निधि यादव ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं जैसे निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना एवं घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मिलने वाली सहायता की जानकारी दी। साथ ही 181, 1090, 112, 1098 एवं 1076 जैसी हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” की शपथ दिलाई गई तथा प्रचार-प्रसार सामग्री वितरित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, सुपरवाइजर, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां उपस्थित रहीं।