राजस्व वसूली में ढिलाई पर डीएम सख्त, धीमी प्रगति वाले विभागों को लगाई फटकार स्टांप, जीएसटी, विद्युत और वन विभाग को चेतावनी, लक्ष्य पूरा न होने पर तय होगी जवाबदेही

संवाददाता | उरई/जालौन

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड, कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों तथा कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागवार राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लक्ष्य के सापेक्ष धीमी प्रगति पर संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद की कुल राजस्व वसूली 1645.69 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष 1209.24 करोड़ रुपये रही, जो लगभग 73.30 प्रतिशत उपलब्धि है। वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 844.37 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 120.29 करोड़ रुपये की वसूली दर्ज की गई, जो 14.25 प्रतिशत उपलब्धि है।

विभागवार समीक्षा में वाणिज्य कर (GST) विभाग को 179.63 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 15.03 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जबकि स्टांप एवं पंजीकरण विभाग ने 210 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 11.06 करोड़ रुपये की वसूली की। परिवहन विभाग द्वारा 504.68 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 38.18 करोड़ रुपये, विद्युत विभाग द्वारा 384.04 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 21.17 करोड़ रुपये तथा वन विभाग द्वारा 11.26 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 0.64 करोड़ रुपये की वसूली दर्ज की गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों द्वारा जारी आरसी की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की जाए तथा बड़े बकायेदारों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

वाणिज्य कर विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कर अपवंचन पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी स्तर पर टैक्स चोरी नहीं होने दी जाए। उन्होंने प्रवर्तन अभियान तेज करने के निर्देश देते हुए कहा कि शताब्दी बसों के माध्यम से अवैध रूप से सामान ढोने की शिकायतों पर विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए।

बैठक में तीन वर्ष से अधिक पुराने राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को धारा-34 एवं धारा-116 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा।

इसके अलावा सरकारी भूमि, तालाब, चारागाह एवं अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी अतिक्रमण की शिकायत पर राजस्व एवं पुलिस विभाग संयुक्त रूप से तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।

बैठक में लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने तहसीलदार उरई को किसानों से तेजी से बैनामा कराने के निर्देश दिए। बैनामों की धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्य में तेजी लाने को कहा।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिन्कू राही, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *