भौती से रनियां, अकबरपुर, सिकंदरा होते हुए औरैया के लिए रवाना हुई यात्रा, विभिन्न स्थानों पर हुआ भव्य स्वागत
संवाददाता
कानपुर देहात
कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर जनपद में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित किए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सोमवार को ‘वाराणसी से वडनगर यात्रा’ कानपुर देहात पहुंची। यात्रा का उद्देश्य जनसामान्य को सेवा, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी देने के साथ नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ना है।
‘वाराणसी से वडनगर यात्रा’ दो अलग-अलग मार्गों से जनपद में पहुंची। रूट नंबर-3 की यात्रा टोली भौती, कानपुर महानगर से चकरपुर, रायपुर एवं रनियां होते हुए कानपुर देहात पहुंची। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों ने यात्रा टोली का स्वागत किया।
इसके बाद यात्रा टोली अकबरपुर स्थित अहिल्याबाई इंटर कॉलेज पहुंची। यहां राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजीत सिंह पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती रेणुका सचान, अन्य जनप्रतिनिधियों, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार, उप जिलाधिकारी अकबरपुर राजकुमार पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी अकबरपुर सहित संबंधित अधिकारियों ने यात्रा टोली का स्वागत किया। इस दौरान यात्रा टोली पर पुष्पवर्षा भी की गई।
कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजीत सिंह पाल एवं भाजपा जिलाध्यक्ष रेणुका सचान ने यात्रा टोली के सदस्यों से संवाद किया। उन्होंने जनपद कानपुर देहात की विभिन्न उपलब्धियों, विकास कार्यों एवं विशेषताओं की जानकारी दी। वहीं, यात्रा टोली के सदस्यों ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के उद्देश्यों तथा इसके तहत आयोजित की जा रही गतिविधियों के संबंध में जानकारी साझा की।
यात्रा को सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखने के लिए राज्यमंत्री एवं भाजपा जिलाध्यक्ष की मौजूदगी में यात्रा में शामिल वाहनों की मैकेनिक के माध्यम से जांच एवं चेकिंग भी कराई गई।
इसके पश्चात यात्रा टोली मुंगीसापुर, कांधी एवं रसधान होते हुए मानपुर पहुंची। यहां राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, उत्तर प्रदेश तथा सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अजीत सिंह पाल के आवास पर यात्रा टोली का पुनः स्वागत किया गया।
इसके बाद यात्रा सिकंदरा एवं खोजाफूल होते हुए अपने अगले गंतव्य औरैया के लिए रवाना हो गई। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों की सहभागिता देखने को मिली।
‘वाराणसी से वडनगर यात्रा’ के माध्यम से सेवा, जनकल्याण एवं विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ने का संदेश दिया गया।