सार्वजनिक स्थानों पर महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण और कानूनी अधिकारों के लिए चलाया गया जागरूकता अभियान

मिशन शक्ति फेज-5 के तहत कानपुर देहात पुलिस ने महिलाओं एवं बालिकाओं को किया जागरूक, हेल्पलाइन नंबरों और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

संवाददाता
कानपुर देहात।

मिशन शक्ति फेज-5 के द्वितीय चरण के अंतर्गत कानपुर देहात पुलिस ने महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, सशक्तिकरण और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जनपद के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, स्कूल-कॉलेजों, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के दौरान महिला पुलिसकर्मियों एवं पुलिस टीमों ने महिलाओं और बालिकाओं से संवाद कर उन्हें सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।

अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों तथा किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न अथवा अपराध की स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस ने महिलाओं को बताया कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में घबराने के बजाय तत्काल पुलिस अथवा संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करें।

हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी

जागरूकता अभियान के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर 181 महिला हेल्पलाइन, 1090 महिला शक्ति लाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन सेवा और 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है।

महिलाओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, पीछा करने, धमकी, घरेलू हिंसा, साइबर उत्पीड़न या अन्य अपराध की स्थिति में तत्काल संबंधित हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। पुलिस ने यह भी बताया कि शिकायतकर्ता की पहचान एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाती है।

साइबर अपराध से बचाव के प्रति भी किया जागरूक

अभियान के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति भी सचेत किया गया। पुलिस टीम ने सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने, अनजान व्यक्तियों से ऑनलाइन बातचीत में सावधानी बरतने तथा किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सलाह दी।

महिलाओं को साइबर अपराधों से संबंधित सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा साइबर अपराधों से जुड़े अन्य कानूनी प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने समझाया कि सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर परेशान करना, आपत्तिजनक सामग्री भेजना, निजी फोटो या जानकारी का दुरुपयोग करना तथा ऑनलाइन ठगी जैसे मामलों में तत्काल शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

महिलाओं को कानूनी अधिकारों की दी गई जानकारी

पुलिस टीमों ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में भी जागरूक किया। अभियान के दौरान POCSO एक्ट (बाल यौन शोषण से संरक्षण अधिनियम), घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम सहित महिला एवं बालिका सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

पुलिस ने बताया कि महिलाओं और बालिकाओं के साथ किसी भी प्रकार का अपराध होने पर चुप रहने की आवश्यकता नहीं है। पीड़िता या उसके परिवार को तत्काल पुलिस से संपर्क करना चाहिए। कानून महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान उपलब्ध कराता है।

सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं से किया संवाद

अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, विद्यालयों, कॉलेजों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं एवं बालिकाओं से संवाद किया। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया।

पुलिस ने महिलाओं को यह भी बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी व्यक्ति द्वारा पीछा किए जाने, अभद्र टिप्पणी करने, छेड़छाड़ करने अथवा परेशान किए जाने की स्थिति में तुरंत सहायता मांगी जा सकती है।

मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देना

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मिशन शक्ति फेज-5 के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।

पुलिस टीमों ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में लोगों को संवेदनशीलता के साथ आगे आकर पीड़ित महिलाओं की मदद करनी चाहिए।

महिलाओं से सतर्क और जागरूक रहने की अपील

अभियान के दौरान पुलिस ने महिलाओं एवं बालिकाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के अपराध या उत्पीड़न को नजरअंदाज न करें। यदि किसी व्यक्ति द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा है या किसी प्रकार की धमकी दी जा रही है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।

पुलिस ने कहा कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या अपराध की स्थिति में तुरंत निकटतम पुलिस थाना, पुलिस चौकी या संबंधित हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया जाए। समय पर सूचना मिलने से पुलिस आवश्यक कार्रवाई करते हुए पीड़िता को सुरक्षा उपलब्ध करा सकती है।

सुरक्षित समाज के निर्माण में सभी की भागीदारी जरूरी

पुलिस टीमों ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल कानून और पुलिस व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि सुरक्षित समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार, अपराध के खिलाफ आवाज उठाना और पीड़ित की मदद करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

अभियान के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को यह संदेश भी दिया गया कि वे अपने अधिकारों को समझें, किसी भी प्रकार के अपराध के सामने चुप न रहें और जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता लेने में संकोच न करें।

कानपुर देहात पुलिस की ओर से चलाया गया यह जागरूकता अभियान महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, कानून और उनके अधिकारों की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए मिशन शक्ति के तहत जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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