सड़क सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, रॉन्ग साइड और तेज रफ्तार पर चलेगा व्यापक अभियान

अवैध कट, सड़क किनारे निर्माण सामग्री और अतिक्रमण पर होगी संयुक्त कार्रवाई; दोबारा अवैध कट खोलने वालों पर दर्ज होगी एफआईआर

संवाददाता | उरई/जालौन

उरई/जालौन। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि रॉन्ग साइड वाहन चलाने, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने, बिना सीट बेल्ट चारपहिया वाहन चलाने तथा निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज रफ्तार में वाहन संचालित करने वालों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा अभियान को केवल चालान की कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि वाहन चालकों एवं आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया जाए। लोगों में यातायात नियमों के पालन एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार व्यवहार विकसित करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाएं।

अवैध कट बंद कराने के निर्देश

जिलाधिकारी ने एनएचएआई एवं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर बने सभी अवैध कटों को तत्काल चिन्हित कर बंद कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बंद किए गए किसी भी अवैध कट को यदि कोई व्यक्ति दोबारा खोलता है तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि राजमार्गों पर बनाए गए अवैध कट सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। ऐसे में अवैध कटों को बंद कराने के बाद उनकी निगरानी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें दोबारा न खोला जा सके। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

सड़क किनारे निर्माण सामग्री रखने वालों पर होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों, लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों के किनारे बालू, ईंट, गिट्टी एवं अन्य निर्माण सामग्री रखकर किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध संयुक्त अभियान चलाया जाए।

उन्होंने कहा कि सड़क किनारे रखी निर्माण सामग्री से आवागमन बाधित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ती है। इसलिए अतिक्रमण हटाने के साथ सड़क पर रखी निर्माण सामग्री को नियमानुसार जब्त करते हुए संबंधित के विरुद्ध आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

खराब वाहनों को तत्काल हटवाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख मार्गों पर खराब अथवा लंबे समय से निष्क्रिय अवस्था में खड़े वाहनों को भी तत्काल हटवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर लंबे समय तक खड़े खराब वाहन दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं और यातायात व्यवस्था को भी प्रभावित करते हैं।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे वाहनों को तत्काल हटवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखा जाए। साथ ही राजमार्गों पर नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

अवैध होर्डिंग और बैनर के विरुद्ध चलेगा अभियान

शहरी क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने नगर निकायों को अवैध होर्डिंग, बैनर एवं अन्य अवैध विज्ञापन सामग्री के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मार्गों एवं चौराहों पर लगाए गए अवैध होर्डिंग एवं बैनर से वाहन चालकों की दृश्यता प्रभावित होती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है। ऐसे अवैध होर्डिंग एवं बैनर को तत्काल हटाया जाए तथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार जुर्माना एवं अन्य आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

लापरवाही मिलने पर तय होगी जिम्मेदारी

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े अपने-अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा के मामलों में यदि किसी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात व्यवस्था केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों की साझा जिम्मेदारी है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएं।

बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को निर्धारित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एच.एन. प्रसाद, सीओ राजीव शर्मा, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, अमित सक्सेना, महेन्द्र सिंह, एआरटीओ सौम्या पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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