लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 का आयोजन रविवार को पूरे प्रदेश में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं शुचितापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। परीक्षा के लिए प्रदेश के 60 जनपदों में 955 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग 20 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए व्यापक सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों, स्टैटिक मजिस्ट्रेटों, सेक्टर मजिस्ट्रेटों, उड़नदस्तों तथा पुलिस बल की तैनाती की गई थी। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी गई ताकि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास स्थित कंट्रोल रूम से परीक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और सुचारु रूप से संचालित हों। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान का सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया गया। प्रवेश से पहले गहन जांच की गई तथा परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। अधिकारियों ने पूरे दिन विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य योग्य एवं प्रतिभाशाली युवाओं को पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से अवसर उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह तकनीकी निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था के साथ संपन्न कराया गया।
सीएम योगी ने किया पंडित राधेश्याम कथावाचक की प्रतिमा का अनावरण
बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली जनपद के फरीदपुर नगर में पंडित राधेश्याम कथावाचक की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पंडित राधेश्याम कथावाचक ने भारतीय संस्कृति, साहित्य और सनातन परंपरा के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी लेखनी और वाणी के माध्यम से भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के चरित्र को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। उनकी रचनाएं आज भी समाज को प्रेरणा प्रदान करती हैं और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को पंडित राधेश्याम कथावाचक के जीवन, उनके आदर्शों और साहित्य से प्रेरणा लेनी चाहिए। प्रदेश सरकार भारतीय संस्कृति, विरासत और महापुरुषों के सम्मान एवं संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया और मुख्यमंत्री का स्वागत किया।