माटीकला टूल-किट्स वितरण योजना के तहत 90 लाभार्थियों का होगा चयन, 15 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन
संवाददाता
कानपुर देहात
कानपुर देहात, 06 अगस्त 2026। जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी अखिलेश अग्निहोत्री ने बताया कि प्रदेश में माटीकला शिल्पकारों द्वारा सदियों से मिट्टी से मूर्तियां, खिलौने, बर्तन, नरिया, थपुआ सहित विभिन्न उपयोगी एवं कलात्मक वस्तुओं का निर्माण किया जाता रहा है। हालांकि वर्तमान समय में प्लास्टिक उत्पादों के बढ़ते उपयोग के कारण मिट्टी से निर्मित वस्तुओं की मांग में कमी आई है, जिससे परंपरागत माटीकला कारीगरों के सामने आजीविका की चुनौती उत्पन्न हुई है।
माटीकला शिल्पकारों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, उनकी आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने तथा प्लास्टिक उत्पादों के उपयोग को कम करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा ‘माटीकला टूल-किट्स वितरण योजना’ संचालित की जा रही है।
90 लाभार्थियों को मिलेगी विद्युत चालित कुम्हारी चाक
जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि योजना के अंतर्गत जनपद कानपुर देहात के लिए 90 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत माटीकला विधा में प्रशिक्षित एवं प्रमाण-पत्र प्राप्त शिक्षित बेरोजगार परंपरागत कारीगरों को निःशुल्क विद्युत चालित कुम्हारी चाक उपलब्ध कराई जाएगी।
लाभार्थियों का चयन जिला स्तर पर गठित चयन समिति द्वारा निर्धारित पात्रता एवं मानकों के आधार पर किया जाएगा।
15 अगस्त तक जमा कर सकते हैं आवेदन की प्रति
योजना का लाभ लेने के इच्छुक अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद पंजीकृत आवेदन-पत्र की प्रति 15 अगस्त 2026 तक किसी भी कार्यदिवस में कार्यालय जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, चिटिकपुर, रनियां, कानपुर देहात में जमा करनी होगी।
ये हैं पात्रता की शर्तें
योजना के तहत आवेदन करने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना आवश्यक है। आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
इसके अलावा आवेदक परंपरागत कारीगर परिवार का बेरोजगार सदस्य होना चाहिए तथा माटीकला की किसी विधा में प्रशिक्षित अथवा प्रमाण-पत्र प्राप्त होना आवश्यक है।
स्वरोजगार में रुचि रखने वाली महिलाएं तथा परंपरागत कारीगर परिवारों की महिलाएं भी योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं।
आर्थिक स्थिति एवं तकनीकी ज्ञान के आधार पर होगा चयन
लाभार्थियों का चयन उनकी आर्थिक स्थिति, माटीकला के अनुभव, तकनीकी ज्ञान एवं विपणन क्षमता सहित निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा।
जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी ने इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने के साथ-साथ आवेदन-पत्र की प्रति कार्यालय में जमा कर योजना का लाभ उठाएं।
योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी कार्यालय जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, कानपुर देहात से संपर्क कर सकते हैं।