विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों को मिलेगा प्रशिक्षण और आधुनिक टूलकिट

10 दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण के बाद सफल अभ्यर्थियों को मिलेगा आरपीएल प्रमाण-पत्र, निःशुल्क वितरित की जाएगी उन्नत टूलकिट

संवाददाता
कानपुर देहात

कानपुर देहात, 06 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय दस्तकारों एवं पारंपरिक कारीगरों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के उद्देश्य से ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ संचालित की जा रही है। योजना का उद्देश्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों के कौशल विकास, आजीविका के साधनों को मजबूत करने तथा उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।

उपायुक्त उद्योग प्रभात यादव ने बताया कि योजना के अंतर्गत कुम्हार, राजमिस्त्री, बढ़ई, नाई, लोहार, दर्जी, हलवाई, धोबी सहित अन्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों को उनके कार्य से संबंधित 10 दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान कारीगरों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत कार्य पद्धतियों एवं व्यवसाय को बेहतर तरीके से संचालित करने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी जाएगी।

प्रशिक्षण के बाद मिलेगा प्रमाण-पत्र और टूलकिट

उपायुक्त उद्योग ने बताया कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों का मूल्यांकन कराया जाएगा। मूल्यांकन में सफल अभ्यर्थियों को आरपीएल (Recognition of Prior Learning) प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।

इसके साथ ही कारीगरों को उनके पारंपरिक व्यवसाय को आधुनिक एवं अधिक प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए उन्नत तकनीक पर आधारित टूलकिट का निःशुल्क वितरण भी किया जाएगा।

18 वर्ष या अधिक आयु होना अनिवार्य

योजना के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की आयु आवेदन की तिथि को न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए। योजना का लाभ लेने के लिए किसी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है।

इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी एमएसएमई विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

ऑनलाइन आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • आधार कार्ड।
  • नवीनतम पासपोर्ट आकार का फोटो।
  • बैंक पासबुक की प्रति, जिसमें बैंक शाखा का नाम एवं खाता संख्या अंकित हो।
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति (एससी) एवं अनुसूचित जनजाति (एसटी) के अभ्यर्थियों के लिए जाति प्रमाण-पत्र।
  • जहां आवश्यक हो, ग्राम प्रधान द्वारा जारी प्रमाण-पत्र।

स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा

उपायुक्त उद्योग प्रभात यादव ने जनपद के सभी पात्र एवं इच्छुक पारंपरिक कारीगरों से अपील की है कि वे विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण एवं आधुनिक टूलकिट के माध्यम से कारीगर अपने पारंपरिक व्यवसाय को आधुनिक रूप देकर आय के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं तथा स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी किसी भी कार्यदिवस में जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, कानपुर देहात से संपर्क कर सकते हैं।

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