नवजात बालिकाओं का मनाया गया कन्या जन्मोत्सव, माताओं को वितरित की गईं बेबी केयर किट
संवाददाता | कानपुर देहात
कानपुर देहात। जिलाधिकारी कपिल सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल के मार्गदर्शन तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी रेनू यादव के नेतृत्व में गुरुवार को विकासखंड झींझक में कन्या जन्मोत्सव, ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक तथा हर घर तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने, उनके अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
चार नवजात बालिकाओं का मनाया गया कन्या जन्मोत्सव
कार्यक्रम के क्रम में वीरांगना अवंती बाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, झींझक में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत चार नवजात बालिकाओं का कन्या जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर नवजात बालिकाओं की माताओं को बेबी केयर किट वितरित की गईं।
कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित निरंजन द्वारा पीसीपीएनडीटी अधिनियम, 1994 के संबंध में जानकारी देते हुए कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम तथा बालिकाओं के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
जिला मिशन समन्वयक प्रतिमा श्रीवास्तव ने महिलाओं एवं पुरुषों को बेटा-बेटी में किसी भी प्रकार का भेदभाव न करने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को भी बालकों के समान शिक्षा, अवसर एवं सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।
कन्या सुमंगला योजना की दी जानकारी
जेंडर स्पेशलिस्ट निधि यादव ने नवजात बालिकाओं के माता-पिता को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के प्रथम चरण से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने योजना की पात्रता एवं लाभ के बारे में जानकारी देते हुए पात्र परिवारों से आवेदन कराने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा एवं सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पात्र परिवार इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी बेटियों के बेहतर भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित
इसके बाद विकासखंड झींझक के सभागार में प्रभारी खंड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की द्वितीय त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विकासखंड के विभिन्न केंद्रों से उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बच्चों की देखरेख, संरक्षण, उपचार, विकास एवं पुनर्वास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों की मूलभूत आवश्यकताओं एवं उनके संरक्षण के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
प्रभारी खंड विकास अधिकारी ने पॉक्सो अधिनियम, 2012, बाल यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण, बाल विवाह से होने वाले दुष्प्रभावों तथा थानों में संचालित महिला हेल्पडेस्क की भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बच्चों एवं अभिभावकों को इन विषयों के प्रति जागरूक करें।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और महिला सुरक्षा पर जागरूकता
बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं जिला प्रोबेशन कार्यालय से जिला मिशन समन्वयक प्रतिमा श्रीवास्तव ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना पर चर्चा करते हुए समाज में बालिकाओं के प्रति भेदभाव समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने महिला सुरक्षा, महिला सशक्तीकरण तथा गुड टच-बैड टच के संबंध में भी जानकारी दी। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को निर्देशित किया गया कि वे विद्यालयों एवं समुदाय के स्तर पर इन विषयों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर बच्चों एवं अभिभावकों को जागरूक करें।
जेंडर स्पेशलिस्ट निधि यादव ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और पात्र महिलाओं एवं बालिकाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक जानकारी साझा की।
हेल्पलाइन नंबरों के प्रति किया जागरूक
सामाजिक कार्यकर्ता शारदा साहू ने महिलाओं एवं बच्चों की सहायता के लिए उपलब्ध विभिन्न आपातकालीन सेवाओं एवं हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने 181 महिला हेल्पलाइन, 1090 महिला शक्ति लाइन, 112 आपातकालीन सेवा, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन एवं 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आदि के उपयोग के बारे में बताया।
इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को जागरूकता संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए, ताकि वे ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित सेवाओं की जानकारी उपलब्ध करा सकें।
हर घर तिरंगा रैली में भी लिया गया हिस्सा
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं अन्य प्रतिभागियों द्वारा हर घर तिरंगा रैली में भी सहभागिता की गई। रैली के माध्यम से लोगों को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।
प्रतिभागियों ने लोगों से हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को बनाए रखने की अपील की।
कार्यक्रम में प्रभारी खंड विकास अधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक, बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला प्रोबेशन कार्यालय से जिला मिशन समन्वयक, जेंडर स्पेशलिस्ट, सामाजिक कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, स्टाफ नर्स, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से बेटियों के जन्म का उत्सव मनाने, उनके प्रति भेदभाव समाप्त करने, बाल अधिकारों एवं महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।