राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर परिवार न्यायालय में बैठक, अधिक से अधिक पारिवारिक वादों के निस्तारण पर जोर

परिवारिक एवं वैवाहिक विवादों में सुलह-समझौते को प्राथमिकता देने के निर्देश, छह मामलों में पक्षकारों के बीच वार्ता रही सफल

संवाददाता / उरई-जालौन

उरई, 11 सितंबर 2026। आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर 2026 को सफल बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को परिवार न्यायालय, जालौन स्थान उरई में अनुश्रवण राष्ट्रीय लोक अदालत समिति की पंचम बैठक आयोजित की गई। बैठक में पारिवारिक, वैवाहिक एवं भरण-पोषण से संबंधित मामलों का अधिक से अधिक संख्या में सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराने पर जोर दिया गया।

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आयोजित बैठक प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, जालौन स्थान उरई श्री मनोज कुमार सिंह गौतम के मार्गदर्शन में तथा अध्यक्ष/नोडल अधिकारी एवं अपर प्रधान न्यायाधीश श्री प्रवीण कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में नवनिर्मित भवन स्थित वादकारियों के प्रतीक्षालय एवं परामर्शदाता केंद्र में सम्पन्न हुई।

बैठक में परिवार कल्याण विशेषज्ञों, सदस्य/मध्यस्थों एवं संबंधित अधिवक्ताओं को निर्देश दिए गए कि पारिवारिक, वैवाहिक एवं भरण-पोषण से संबंधित मामलों को अधिक से अधिक संख्या में चिन्हित किया जाए। इसके साथ ही प्री-लिटिगेशन स्तर पर मामलों को सुलझाने तथा पक्षकारों के बीच सुलह-वार्ता कराने के प्रयास किए जाएं, ताकि दाम्पत्य विवादों से जुड़े अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति और समझौते के आधार पर किया जा सके।

छह मामलों में वार्ता रही सफल

बैठक में उपस्थित परामर्शदाता श्री केके प्रजापति ने बताया कि छह मामलों में पक्षकारों के मध्य सुलह-वार्ता सफल रही है। उन्होंने बताया कि न्यायालय से लिटिगेशन के लिए प्राप्त होने वाली पत्रावलियों में मध्यस्थता की प्रक्रिया कराई जा रही है। इसके अलावा वादकारियों से लगातार संपर्क स्थापित कर नियत तिथियों पर दोनों पक्षों के बीच सुलह-वार्ता कराने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का सुलह एवं समझौते के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करना है।

मध्यस्थों ने भी अधिक मामलों के निस्तारण का दिया भरोसा

बैठक में उपस्थित सदस्य/मध्यस्थ श्री विनोद प्रकाश व्यास एवं श्रीमती सुलेखा सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक वादों में पक्षकारों के बीच मध्यस्थता एवं सुलह-समझौता कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से विवादों के समाधान के लिए पक्षकारों को समझाने और संवाद के माध्यम से समाधान तक पहुंचाने का प्रयास जारी है।

वहीं, बैठक में उपस्थित विद्वान अधिवक्ताओं ने भी आश्वासन दिया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण के लिए पक्षकारों को आपसी सहमति और समझौते के लिए प्रेरित किया जाएगा।

अधिवक्ताओं एवं न्यायिक कर्मचारियों की रही मौजूदगी

बैठक में सदर मुंसरिम श्री काजी वसीम उल्ला के अलावा विद्वान अधिवक्ता श्री राजेश विश्वकर्मा, श्री अजीत सिंह, श्री रामजी शाक्य, श्री अक्षय रंजन, श्री संदीप प्रजापति, श्री सूर्यप्रताप सिंह, श्री अंशुमान दीक्षित, श्री भगवान दास प्रजापति, श्री केपी सिंह, श्री महेश रंजन एवं श्री जुल्फिकार हुसैन सहित अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।

बैठक के माध्यम से आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में पारिवारिक एवं वैवाहिक विवादों का अधिक से अधिक संख्या में सौहार्दपूर्ण ढंग से समाधान कराने तथा पक्षकारों को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया गया।

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