दवा उपलब्धता की रैंडम जांच, बुजुर्ग मरीजों की विशेष देखभाल के दिए निर्देश
संवाददाता
उरई/जालौन
उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने राजकीय मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का स्थलीय जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ओपीडी, दवा वितरण काउंटर, इमरजेंसी सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, दवा की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति परखी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मरीज से बातचीत कर परखी दवा वितरण व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान ओपीडी से दवा लेकर बाहर निकल रही ग्राम भदारी, विकासखंड कोंच निवासी मंजू देवी से जिलाधिकारी ने बातचीत कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने पूछा कि चिकित्सक द्वारा लिखी गई सभी दवाएं उन्हें अस्पताल से मिल गई हैं या नहीं। मंजू देवी ने बताया कि उन्हें चिकित्सक द्वारा लिखी गई सभी दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध करा दी गई हैं।
दवा वितरण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की रैंडम जांच करने के लिए जिलाधिकारी ने मंजू देवी को अपने साथ लेकर स्वयं सत्यापन कराया। सबसे पहले पुरुष दवा वितरण काउंटर पर पर्ची प्रस्तुत कराई गई। जांच के दौरान चिकित्सकीय पर्चे पर लिखी गई सभी दवाएं काउंटर से उपलब्ध कराई गईं।
इसके बाद महिला दवा वितरण काउंटर पर भी पर्ची के आधार पर दवाओं की उपलब्धता की जांच कराई गई। यहां भी पर्चे में निर्धारित सभी दवाएं उपलब्ध मिलीं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मरीज को चिकित्सक द्वारा लिखी गई आवश्यक दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े।
बुजुर्ग मरीजों की विशेष देखभाल के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी इमरजेंसी वार्ड पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला एवं पुरुष मरीज का हालचाल जाना तथा उनके उपचार की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि दोनों मरीजों के उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने मरीजों के खान-पान, दवा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में भर्ती प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशील एवं मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए।
उन्होंने चिकित्सकों से विशेष रूप से कहा कि बुजुर्ग मरीजों की देखभाल अपने माता-पिता की तरह करें और उन्हें आवश्यक उपचार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने निर्देशित किया कि मरीजों को पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार डिस्चार्ज किया जाए।
मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार, समय पर दवाएं और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए।
उन्होंने कहा कि मरीजों को अस्पताल में ही आवश्यक दवाएं उपलब्ध हों और उन्हें अनावश्यक रूप से बाहर से दवा खरीदने की स्थिति का सामना न करना पड़े। साथ ही अस्पताल में साफ-सफाई, उपचार व्यवस्था एवं मरीजों की सुविधाओं पर भी लगातार ध्यान दिया जाए।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और प्रत्येक मरीज को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं मानवीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।