मेघगर्जन, वर्षा एवं वज्रपात से सुरक्षा को लेकर दिशा-निर्देश जारी

एडीएम ने कहा- सावधानी और तैयारी ही बचाव का तरीका, सचेत एवं दामिनी मोबाइल ऐप डाउनलोड करने की अपील

संवाददाता | कानपुर देहात

कानपुर देहात, 03 सितंबर 2026। जनपद कानपुर देहात में हो रही वर्षा एवं वज्रपात को देखते हुए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य ने जनमानस की सुरक्षा एवं बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

उन्होंने बताया कि वर्षा एवं वज्रपात से बचाव के लिए सावधानी और तैयारी ही सबसे प्रभावी तरीका है। इसके माध्यम से वज्रपात के खतरे को कम किया जा सकता है अथवा उसके प्रभाव से बचा जा सकता है।

एडीएम ने लोगों से अपने मोबाइल फोन में प्ले स्टोर से “सचेत एवं दामिनी मोबाइल ऐप” अनिवार्य रूप से डाउनलोड करने की अपील की। इन मोबाइल ऐप के माध्यम से प्राप्त पूर्व चेतावनी एवं एडवाइजरी का प्रभावी उपयोग कर संभावित क्षति को न्यूनतम किया जा सकता है।

क्या करें

मेघगर्जन, वर्षा एवं वज्रपात के दौरान सुरक्षा के लिए निम्न सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं—

  • यदि आप खुले में हों तो शीघ्रातिशीघ्र किसी पक्के मकान में शरण लें।
  • खिड़कियों, दरवाजों, बरामदे एवं छत से दूर रहें।
  • ऐसी वस्तुओं से दूर रहें जो बिजली की सुचालक हैं।
  • बच्चों को बिजली के उपकरणों या तार के संपर्क से दूर रखें तथा बिजली के उपकरणों को बिजली के संपर्क से हटा दें।
  • तालाब और जलाशयों से दूरी बनाए रखें।
  • समूह में न खड़े हों, बल्कि अलग-अलग खड़े रहें।
  • बिजली या टेलीफोन के खंभे, तार की बाड़, मशीन आदि से दूर रहें।
  • धातु से बने कृषि यंत्र, डंडा आदि से स्वयं को दूर रखें।
  • आसमानी बिजली के झटके से घायल व्यक्ति को तत्काल नजदीकी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र ले जाएं।
  • स्थानीय रेडियो एवं अन्य संचार साधनों से मौसम की जानकारी प्राप्त करते रहें।
  • यदि कोई व्यक्ति वज्रपात की चपेट में आ जाए तो तुरंत 112 पर कॉल करें और यथाशीघ्र पीड़ित को अस्पताल ले जाएं।
  • पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधें।
  • मौसम साफ होने तक घर के अंदर रहें।

क्या न करें

वज्रपात एवं खराब मौसम के दौरान इन सावधानियों का भी ध्यान रखने को कहा गया है—

  • जर्जर एवं पुराने मकानों में शरण न लें।
  • ऊंची इमारत वाले क्षेत्रों में शरण न लें।
  • बच्चों को तालाब एवं जलाशयों के पास न जाने दें।
  • बिजली एवं टेलीफोन के खंभों के नीचे कदापि शरण न लें, क्योंकि ऊंचे वृक्ष, ऊंची इमारतें एवं टेलीफोन/बिजली के खंभे आसमानी बिजली को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
  • धातु की डंडी वाले छातों का उपयोग न करें।
  • खराब मौसम में घर के पानी के नल, फ्रिज, टेलीफोन आदि को न छुएं।

टोल फ्री नंबर और मोबाइल नंबर किए गए सक्रिय

जनपद में संभावित स्थिति को देखते हुए सुरक्षा एवं बचाव के लिए जनपद स्तरीय टोल फ्री नंबर 1077 तथा मोबाइल नंबर 944070030 और 9454416429 सक्रिय किए गए हैं।

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