25 एफपीओ के लिए प्रस्तावित नए मूंग क्रय केन्द्र तत्काल खोलने के निर्देश, लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार
संवाददाता | उरई/जालौन
जनपद जालौन में किसानों को उनकी मूंग की उपज का उचित मूल्य और सुगम खरीद व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में मूंग क्रय केन्द्रों की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में उन्होंने खरीद व्यवस्था की प्रगति का विस्तृत जायजा लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में संचालित सभी मूंग क्रय केन्द्रों पर खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सुचारु और समयबद्ध ढंग से संचालित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा प्रत्येक केन्द्र पर बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, तौल की बेहतर व्यवस्था, समय पर भुगतान और अन्य आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जनपद में 16 मूंग क्रय केन्द्र संचालित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि सभी केन्द्रों की नियमित निगरानी की जाए और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखते हुए किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।
समीक्षा के दौरान 25 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए प्रस्तावित नए मूंग क्रय केन्द्रों के संचालन में अपेक्षित कार्रवाई लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने उद्यान अधिकारी एवं एआर कोऑपरेटिव को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि सभी लंबित औपचारिकताएं उसी दिन पूरी कर प्रस्तावित मूंग क्रय केन्द्रों का संचालन तत्काल शुरू कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को अपने नजदीकी केन्द्रों पर ही उपज बेचने की सुविधा मिल सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनावश्यक विलंब को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप मूंग खरीद अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा प्रत्येक पात्र किसान को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और खरीद प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखी जाए, जिससे किसानों का विश्वास सरकारी खरीद व्यवस्था पर और अधिक मजबूत हो।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज, उप कृषि निदेशक एस.के. उत्तम, एआर कोऑपरेटिव शिव कुमार, उद्यान अधिकारी परवेज खान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।