संवाददाता | कानपुर देहात
उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड स्थापना पखवाड़ा के अंतर्गत शुक्रवार को कानपुर देहात के खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय परिसर में एक दिवसीय माटीकला जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक माटीकला से जुड़े कारीगरों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना, आधुनिक तकनीकों से जोड़ना तथा उन्हें स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री (बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग) श्रीमती प्रतिभा शुक्ला रहीं। उनके साथ ब्लॉक प्रमुख आशीष मिश्रा, प्रदीप पाण्डेय ‘बउवा पाण्डेय’, अग्रणी जिला प्रबंधक दिलीप वर्मा, आरसेटी निदेशक मयंक कटियार, एडीओ (एजी) प्रवीण सिंह, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अखिलेश कुमार अग्निहोत्री सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा माटीकला उत्पादों की प्रदर्शनी एवं विभिन्न स्टालों का अवलोकन करने के बाद दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर श्रीमती प्रतिभा शुक्ला ने माटीकला कारीगरों द्वारा तैयार किए गए आकर्षक एवं उपयोगी उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना और स्थानीय हस्तशिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है।
कार्यक्रम के दौरान माटीकला क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने तथा आंकड़ा संग्रहण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कारीगर रामलखन प्रजापति, रामचन्द्र प्रजापति, सुरेखा देवी, कौशल कुमार, गंगाराम प्रजापति एवं धर्मेन्द्र प्रजापति को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित कारीगरों ने सरकार के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे माटीकला उद्योग के लिए प्रेरणादायक बताया।
इस अवसर पर जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अखिलेश कुमार अग्निहोत्री ने उपस्थित कारीगरों एवं ग्रामीणों को उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने माटीकला टूलकिट योजना, मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना, माटीकला शिल्पकारी प्रशिक्षण योजना तथा माटीकला माइक्रो कॉमन फैसिलिटी सेंटर योजना के उद्देश्य, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं मिलने वाले लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अधिक से अधिक पात्र कारीगरों से इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील भी की।
कार्यक्रम में फाइन आर्ट विश्वविद्यालय, कानपुर के प्रतिनिधियों ने भी माटीकला उत्पादों की बढ़ती उपयोगिता, आधुनिक डिजाइन, विपणन की संभावनाओं तथा नई तकनीकों के माध्यम से इस पारंपरिक उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के विषय में जानकारी साझा की। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा तैयार प्रेरणादायी फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक देखा और सराहा।
कार्यक्रम में वरिष्ठ सहायक श्रीमती अंकिता, अनुदेशक चर्म राकेश कुमार, मनीष कुमार, शिवेंद्र सिंह, निखिल मिश्रा, पंकज, शिवम शुक्ला, दीपक कुमार सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, माटीकला कारीगर, लाभार्थी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित कारीगरों ने सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों से उन्हें नई जानकारी, प्रशिक्षण तथा रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही उन्होंने पारंपरिक माटीकला उद्योग को नई पहचान दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एवं माटीकला बोर्ड का आभार व्यक्त किया।