संवाददाता | नई दिल्ली/पेरिस
नई दिल्ली/पेरिस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, ऊर्जा, साइबर सुरक्षा, डिजिटल तकनीक, नवाचार, शिक्षा, अनुसंधान, स्टार्टअप और रणनीतिक साझेदारी समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का भारत केवल समाधान लेने वाला देश नहीं, बल्कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान देने वाला देश बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत तकनीक, नवाचार और विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और विश्व के लिए एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है।
बैठक में दोनों देशों ने 2026 को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के रूप में आगे बढ़ाने, रक्षा उत्पादन, हरित ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान और डिजिटल परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम आधारित व्यवस्था को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में स्टार्टअप और नवाचार का तेजी से विस्तार हो रहा है। देश में अब 1.6 लाख से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं, जिनमें बड़ी संख्या में युवा उद्यमी अपनी प्रतिभा से नए समाधान विकसित कर रहे हैं। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और रोजगार सृजन के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में संयुक्त उत्पादन, अत्याधुनिक तकनीक के आदान-प्रदान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, सेमीकंडक्टर निर्माण और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज केवल अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के लिए नई तकनीक, नवाचार और विकास के मॉडल भी प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगी तथा वैश्विक विकास एवं स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।