संवाददाता | उरई/जालौन
विकास भवन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मा० सभापति दैवीय आपदा प्रबंधन जांच समिति विधान परिषद उत्तर प्रदेश डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि मा० प्रधानमंत्री एवं मा० मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दलित, वंचित एवं गरीब वर्गों के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण का नया युग प्रारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की योजनाओं का सबसे अधिक लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े गरीब एवं दलित परिवारों को मिला है।
डॉ. निर्मल ने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना, स्वच्छ भारत मिशन एवं आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने गरीब परिवारों के जीवन स्तर में ऐतिहासिक बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि अब गरीब परिवारों को पक्के मकान, बिजली, गैस कनेक्शन और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मुसहर, बसोर, बांसफोड़, धरकार एवं थारू समाज जैसे वंचित समुदायों को मुख्यमंत्री आवास योजना में प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही लखनऊ के ऐशबाग में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सम्मान में भव्य स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि घर-घर शौचालय निर्माण से हाथ से मैला उठाने जैसी अमानवीय प्रथा पर प्रभावी रोक लगी है। उन्होंने बताया कि सीवर सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों को अनिवार्य किया गया है तथा दुर्घटना की स्थिति में मृतक परिवारों को 30 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है।
डॉ. निर्मल ने स्टैंडअप इंडिया योजना के माध्यम से दलित एवं वंचित वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार के लिए 10 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दिए जाने की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं में आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की भावना विकसित हो रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जनपद में आपदा राहत कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को त्वरित राहत उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि अब तक 04 जनहानि मामलों में 16 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। वहीं 08 पशुहानि प्रकरणों में 1 लाख 48 हजार 500 रुपये तथा अतिवृष्टि एवं अग्निकांड से प्रभावित 14 मकान क्षति प्रकरणों में 1 लाख 77 हजार रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है।
उन्होंने बताया कि अप्रैल माह में हुई ओलावृष्टि एवं अतिवृष्टि से प्रभावित 13,262 किसानों को कुल 8 करोड़ 41 लाख 27 हजार 349 रुपये की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। डॉ. निर्मल ने कहा कि सरकार संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।