प्राथमिक विद्यालय कुकुरगांव पहुंचे जिलाधिकारी, बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता परखी

ब्लैकबोर्ड पर स्वयं प्रश्न लिखवाकर जांची विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, पहाड़े, कविता और भाषा ज्ञान की सराहना

संवाददाता | उरई/जालौन

जनपद जालौन में बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने प्राथमिक विद्यालय कुकुरगांव का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, पठन-पाठन की गुणवत्ता तथा विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता का स्वयं आकलन किया।

विद्यालय पहुंचने पर जिलाधिकारी सीधे कक्षाओं में पहुंचे और छात्र-छात्राओं से संवाद स्थापित करते हुए उनकी शैक्षणिक दक्षता की जानकारी ली। उन्होंने कक्षा 3, 4 एवं 5 के विद्यार्थियों को ब्लैकबोर्ड पर बुलाकर विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्न लिखवाए तथा उनके उत्तर देने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ सभी प्रश्नों के सही एवं स्पष्ट उत्तर देकर अपनी शैक्षणिक तैयारी का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों से 13, 14, 15 एवं 19 के पहाड़े भी सुने। विद्यार्थियों ने बिना किसी झिझक के धाराप्रवाह पहाड़े सुनाकर अपनी गणितीय दक्षता का परिचय दिया। इसके साथ ही बच्चों ने हिंदी एवं अंग्रेजी में कविताओं का प्रभावशाली पाठ किया, जिससे उनकी भाषाई क्षमता, उच्चारण और आत्मविश्वास की भी बेहतर झलक देखने को मिली।

बच्चों के प्रदर्शन से संतुष्ट जिलाधिकारी ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए शिक्षकों का समर्पण और नियमित अभ्यास अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि प्रारंभिक स्तर पर बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी तो उनका भविष्य भी उज्ज्वल होगा और वे उच्च कक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए उन्हें निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दिया जाए तथा नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से बच्चों की रुचि पढ़ाई में लगातार बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में अनुशासित, प्रेरणादायक और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की नियमित शैक्षणिक प्रगति का मूल्यांकन किया जाए तथा जिन बच्चों को किसी विषय में अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता हो, उन्हें विशेष मार्गदर्शन देकर उनकी सीखने की क्षमता को और बेहतर बनाया जाए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, विद्यालय की अध्यापिकाएं तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों पर संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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