गैर-ऋणी किसान 14 अगस्त तक करा सकेंगे फसल बीमा, ऋणी किसानों के लिए प्रीमियम कटौती की अंतिम तिथि 31 अगस्त
संवाददाता
कानपुर देहात
कानपुर देहात। उप कृषि निदेशक हरिशंकर भार्गव ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन एवं कृषि विभाग के मार्गदर्शन में जनपद कानपुर देहात में खरीफ 2026 मौसम के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को पारदर्शी, सहज एवं समयबद्ध तरीके से लागू करने की व्यवस्था की गई है। किसानों को योजना से संबंधित जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए उप कृषि निदेशक कार्यालय परिसर में फसल बीमा सहायता केंद्र (Help Desk) स्थापित किया गया है।
सहायता केंद्र पर बीमा कंपनी मैसर्स एचडीएफसी एर्गो के प्रतिनिधि प्रत्येक कार्यदिवस में उपस्थित रहेंगे। यहां किसान, बैंक तथा जन सेवा केंद्र संचालक फसल बीमा से संबंधित समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे।
फसल बीमा कराने की महत्वपूर्ण तिथियां
उप कृषि निदेशक ने बताया कि गैर-ऋणी किसान राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (PMFBY Portal) पर स्वयं अथवा जन सेवा केंद्र के माध्यम से 14 अगस्त 2026 तक अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं।
वहीं ऋणी किसानों के लिए बैंक के माध्यम से प्रीमियम कटौती की संशोधित अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
योजना में शामिल होने या बाहर रहने का विकल्प
जो ऋणी किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बाहर रहना चाहते हैं अथवा पुनः योजना में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें निर्धारित अंतिम तिथि से कम से कम सात दिन पूर्व अपनी संबंधित बैंक शाखा में लिखित सूचना देने की सलाह दी गई है।
फसल में परिवर्तन की सुविधा
यदि किसी किसान ने पहले से निर्धारित फसल के स्थान पर कोई दूसरी अधिसूचित फसल बोई है, तो वह फसल बीमा की अंतिम तिथि से दो कार्यदिवस पूर्व बैंक अथवा संबंधित माध्यम से अपनी फसल संबंधी जानकारी में आवश्यक संशोधन करा सकता है।
प्राकृतिक आपदा की स्थिति में त्वरित सर्वे
उप कृषि निदेशक ने बताया कि ओलावृष्टि, जलभराव अथवा अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान की स्थिति में त्वरित सर्वे एवं सहायता के लिए कृषि विभाग के कर्मचारियों, एटीएम, बीटीएम, प्राविधिक सहायकों, लेखपालों तथा बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम गठित की गई है।
फसल क्षति की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित टीम मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण एवं नुकसान का आकलन करेगी, जिससे किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा सके।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाए जाएंगे जागरूकता शिविर
बाढ़ एवं अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति जागरूक करने के लिए कृषि विभाग एवं बीमा कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से किसानों को फसल बीमा के लाभ, प्रक्रिया एवं आपदा की स्थिति में की जाने वाली आवश्यक कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी जाएगी।
उप कृषि निदेशक ने जनपद के सभी किसान भाइयों से अपील की कि प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले संभावित वित्तीय नुकसान से बचाव के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं। किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए उप कृषि निदेशक कार्यालय परिसर में स्थापित फसल बीमा सहायता केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।