संवाददाता, उरई/जालौन |
जनपद जालौन में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नगर निकायवार सर्वे, सत्यापन, स्वीकृति एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत स्थिति का अवलोकन किया। प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार जनपद में कुल 42,765 आवेदन सत्यापन हेतु प्राप्त हुए, जिनमें से 16,597 का सत्यापन पूर्ण हो चुका है। इनमें 10,987 लाभार्थी पात्र पाए गए, 3,661 अपात्र तथा 1,949 प्रकरण नॉट फाउंड दर्ज किए गए हैं।
पात्र लाभार्थियों में से 6,638 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 4,349 प्रकरण डीपीआर के लिए लंबित हैं। वहीं 26,168 प्रकरणों की रिपोर्ट नगर निकायों से अभी भी लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
नगर निकायवार स्थिति में उरई में सर्वाधिक 23,735 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 5,024 पात्र पाए गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में प्रकरण लंबित हैं। अन्य नगर निकायों जालौन, कालपी, कोंच, कदौरा, कोटरा, माधौगढ़ एवं एट में भी विभिन्न स्तरों पर सत्यापन एवं स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी नगर निकायों में पात्र लाभार्थियों का सत्यापन कार्य शीघ्र पूर्ण कर उन्हें आवास स्वीकृति से जोड़ा जाए। साथ ही अपात्र एवं नॉट फाउंड प्रकरणों का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से 4,349 डीपीआर लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कर अग्रसारित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को शीघ्र लाभ मिल सके।
निरीक्षण के दौरान वर्ष 2026 के नवीन राउंड में डेटा वैलिडेशन एवं रिपोर्टिंग कार्य लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक पात्र गरीब परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। इसलिए सभी अधिकारी मिशन मोड में कार्य करते हुए नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/डूडा परियोजना अधिकारी नेहा ब्याडवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।