निर्माण कार्यों में लापरवाही पर जिलाधिकारी सख्त, धीमी प्रगति पर ठेकेदार को नोटिस के निर्देश खनिज कार्यालय 31 जुलाई तक हर हाल में पूर्ण करने की समय-सीमा तय, एनआईसी भवन दो दिन में तैयार करने के निर्देश

संवाददाता, उरई/जालौन

कलेक्ट्रेट परिसर में निर्माणाधीन शासकीय भवनों की प्रगति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने शनिवार को निर्माणाधीन एनआईसी कार्यालय एवं खनिज कार्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की धीमी गति पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निर्माणाधीन खनिज कार्यालय का निरीक्षण करते समय जिलाधिकारी ने पाया कि भवन निर्माण की प्रगति निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नहीं है। उन्होंने अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को निर्देशित किया कि कार्य में अनावश्यक विलंब के लिए संबंधित ठेकेदार को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए तथा अनुबंध की शर्तों के अनुरूप आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन की दूसरी मंजिल की स्लैब का निर्माण पूर्ण हो चुका है, लेकिन उसके ऊपर प्लास्टर का कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं किया गया है। वहीं, भूतल एवं अन्य हिस्सों में पुट्टी-पुताई, विद्युत फिटिंग, पेयजल एवं सेनेटरी व्यवस्था, दरवाजे-खिड़कियों की स्थापना तथा एप्रन निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण कार्य अधूरे हैं।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अतिरिक्त श्रमिकों एवं संसाधनों की व्यवस्था कर निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए तथा 31 जुलाई 2026 तक हर हाल में भवन का समस्त कार्य पूर्ण कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कार्य की प्रगति में पुनः लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन एनआईसी कार्यालय का भी निरीक्षण किया और शेष बचे सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करते हुए दो दिवस के भीतर भवन को पूरी तरह तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि कार्यालय का संचालन शीघ्र प्रारंभ कराया जा सके।

उन्होंने कहा कि शासकीय भवनों का निर्माण केवल समय पर पूर्ण होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी गुणवत्ता भी सर्वोच्च मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। जनहित से जुड़े प्रत्येक निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *