बिहार पुलिस ने अंतरजनपदीय गिरोह का किया पर्दाफाश, ट्रांसफॉर्मर व ट्यूबवेल के पार्ट्स चोरी करने वाले आरोपी गिरफ्तार
संवाददाता
कानपुर।
ग्रामीण क्षेत्रों में ट्यूबवेल इंजन और ट्रांसफॉर्मर के कीमती पार्ट्स चोरी कर किसानों को नुकसान पहुंचाने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने घेराबंदी कर गिरोह के पांच सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी में इस्तेमाल होने वाले लोडर, गैस कटर, अन्य उपकरण, ट्रांसफॉर्मर व ट्यूबवेल के पार्ट्स तथा मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य दिन के समय ग्रामीण इलाकों में घूमकर ट्यूबवेल और ट्रांसफॉर्मर की रेकी करते थे और रात में मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। गिरोह के सदस्य लोडर लेकर सुनसान स्थान पर पहुंचते थे और गैस कटर व अन्य उपकरणों की मदद से ट्रांसफॉर्मर तथा ट्यूबवेल इंजन के कीमती पार्ट्स निकालकर फरार हो जाते थे।
चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम आबिदी के अनुसार, बिल्हौर पुलिस शनिवार देर रात वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान गौरी अंडरपास के पास पुलिस टीम को एक संदिग्ध लोडर दिखाई दिया। पुलिस ने घेराबंदी कर लोडर में सवार पांच युवकों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने ट्यूबवेल और ट्रांसफॉर्मर के पार्ट्स चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने चोरी के सामान और वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों की बरामदगी की।
दिन में करते थे रेकी, रात में चोरी को देते थे अंजाम
पुलिस पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने बताया कि वे दिन में खेतों और हाईवे किनारे लगे ट्यूबवेल और ट्रांसफॉर्मरों की रेकी करते थे। इसके बाद रात में लोडर लेकर सुनसान स्थान पर पहुंचते और गैस कटर समेत अन्य उपकरणों की मदद से ट्रांसफॉर्मर व ट्यूबवेल इंजन के कीमती पार्ट्स निकाल लेते थे।
आरोपी पुलिस की पूछताछ से बचने के लिए लोडर खराब होने का बहाना भी बनाते थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य चोरी किए गए सामान को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर बेचते थे।
कई जिलों में वारदात की आशंका
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के सदस्यों ने कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, कन्नौज और फतेहपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में कई वारदातों को अंजाम दिया है। करीब 15 से 20 दिन पहले मंगला क्षेत्र में हुई ट्रांसफॉर्मर पार्ट्स चोरी के मामले में भी गिरोह की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से अवैध असलहों की तस्वीरें भी मिली हैं। इसके बाद पुलिस मोबाइल डेटा की फोरेंसिक जांच करा रही है, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
पांच आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—
- अमित भारद्वाज उर्फ राजेश शर्मा उर्फ छोटे
- अंकित अग्रहरी उर्फ अंकित कुमार
- शिवम चौरसिया उर्फ बंटी
- राकेश उर्फ ठाकुर
- प्रांशु सोनकर उर्फ पप्पू सोनकर
के रूप में हुई है।
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।
चोरी के माल की खरीद-फरोख्त करने वालों की भी तलाश
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ियों की भी तलाश की जा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी किए गए ट्रांसफॉर्मर और ट्यूबवेल के पार्ट्स कहां और किन लोगों को बेचे जाते थे।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं तथा अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है।
लोडर और गैस कटर समेत उपकरण बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी में इस्तेमाल किया जाने वाला लोडर वाहन, ट्रांसफॉर्मर खोलने के लिए विशेष उपकरण, ट्यूबवेल इंजन के कीमती पुर्जे, ट्रांसफॉर्मर के कॉपर कॉइल और अन्य धातु संबंधी पार्ट्स बरामद किए गए हैं। इसके अलावा आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं।
पुलिस का कहना है कि बरामद सामान की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इनमें से कौन-कौन सा सामान किन घटनाओं से संबंधित है।
किसानों को होता था भारी नुकसान
ट्यूबवेल और ट्रांसफॉर्मर के पार्ट्स चोरी होने से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। ट्रांसफॉर्मर खराब होने के कारण खेतों की सिंचाई प्रभावित होती थी और किसानों को बिजली आपूर्ति बहाल होने का इंतजार करना पड़ता था।
पुलिस द्वारा गिरोह का पर्दाफाश किए जाने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली उपकरणों और ट्यूबवेलों से जुड़े चोरी के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मोबाइल और तकनीकी साक्ष्यों से भी जांच आगे बढ़ेगी
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन को जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मोबाइल डेटा के माध्यम से गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी के माल के खरीदारों और आरोपियों के संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का मानना है कि तकनीकी जांच से गिरोह की गतिविधियों और पूर्व में की गई वारदातों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई से ट्रांसफॉर्मर और ट्यूबवेल के कीमती पार्ट्स चोरी करने वाले गिरोह का नेटवर्क सामने आया है। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, चोरी के माल को ठिकाने लगाने वालों और पूर्व की घटनाओं में उनकी भूमिका की जांच में जुटी है।