संवाददाता | कानपुर देहात
कानपुर देहात। जिलाधिकारी श्री कपिल सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री विधान जायसवाल के मार्गदर्शन तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी श्रीमती रेनू यादव के नेतृत्व में बुधवार को विकास खंड डेरापुर में विभिन्न जागरूकता एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान पंडित दीनदयाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डेरापुर में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत पांच नवजात बालिकाओं का कन्या जन्मोत्सव मनाया गया। इसके साथ ही विकास खंड सभागार में ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की द्वितीय त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम के बाद ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत तिरंगा रैली में भी प्रतिभाग किया गया।
पांच नवजात बालिकाओं का मनाया गया कन्या जन्मोत्सव
पंडित दीनदयाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डेरापुर में आयोजित कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान पांच नवजात बालिकाओं एवं उनकी माताओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नवजात बालिकाओं की माताओं को बेबी केयर किट वितरित की गईं।
कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुनीत पाण्डेय ने पीसीपीएनडीटी अधिनियम, 1994 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं की नियमित चिकित्सीय जांच जच्चा और बच्चा दोनों के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह की 01, 09, 16 एवं 24 तारीख को प्रधानमंत्री मातृ वंदना दिवस के रूप में गर्भवती महिलाओं की जांच एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने गर्भवती महिलाओं से निर्धारित तिथियों पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर आवश्यक जांच कराने की अपील की, ताकि गर्भावस्था के दौरान किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर समय रहते उपचार एवं आवश्यक सलाह उपलब्ध कराई जा सके।
बेटा-बेटी में भेदभाव न करने की अपील
कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक प्रतिमा श्रीवास्तव ने महिलाओं एवं पुरुषों को बेटा-बेटी में किसी भी प्रकार का भेदभाव न करने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को भी बालकों के समान शिक्षा, अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।
उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीति के प्रति भी लोगों को जागरूक किया तथा बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को समान अवसर देकर ही समाज को सशक्त और विकसित बनाया जा सकता है।
कन्या सुमंगला योजना की दी जानकारी
जेंडर स्पेशलिस्ट निधि यादव ने नवजात बालिकाओं के माता-पिता को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की जानकारी दी। उन्होंने योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ एवं पात्रता के संबंध में जानकारी देते हुए पात्र परिवारों से योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पात्र परिवार इन योजनाओं का लाभ लेकर अपनी बेटियों के बेहतर भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित
विकास खंड डेरापुर के सभागार में खण्ड विकास अधिकारी श्रीमती संजू सिंह की अध्यक्षता में ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति एवं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की द्वितीय त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विकासखंड के विभिन्न केंद्रों से उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बच्चों की देखरेख, संरक्षण, उपचार, विकास, पुनर्वास एवं उनकी मूलभूत आवश्यकताओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रकार के शोषण या अपराध से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियों पर भी चर्चा की गई।
खण्ड विकास अधिकारी ने POCSO अधिनियम, 2012 के संबंध में जानकारी देते हुए बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए जागरूकता एवं सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही बाल विवाह से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी गई। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए थानों में संचालित महिला हेल्पडेस्क के संबंध में भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बताया गया।
योजनाओं और महिला सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
बाल विकास परियोजना अधिकारी सरोज निगम द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं जिला प्रोबेशन कार्यालय की जिला मिशन समन्वयक ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना पर चर्चा करते हुए गिरते लिंगानुपात के कारणों एवं बालिकाओं के प्रति होने वाले भेदभाव को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण तथा गुड टच-बैड टच के संबंध में भी जागरूक किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को निर्देशित किया गया कि वे विद्यालयों एवं समुदाय स्तर पर इन विषयों को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाएं, ताकि बच्चों एवं अभिभावकों को सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सके।
जेंडर स्पेशलिस्ट द्वारा महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र महिलाओं एवं बालिकाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया।
हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
सामाजिक कार्यकर्ता शारदा साहू ने महिलाओं एवं बच्चों की सहायता के लिए उपलब्ध विभिन्न आपातकालीन सेवाओं एवं हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान 181, 1090, 112, 1098 एवं 1076 सहित महत्वपूर्ण हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी देते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को पंपलेट भी वितरित किए गए।
उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति, महिला उत्पीड़न, बाल अपराध या सुरक्षा संबंधी समस्या होने पर संबंधित हेल्पलाइन का उपयोग किया जा सकता है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से अपील की गई कि वे इन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी अधिक से अधिक महिलाओं एवं परिवारों तक पहुंचाएं।
श्रम विभाग की योजनाओं की भी दी जानकारी
बैठक के दौरान श्रम विभाग से रवि द्वारा विभाग की ओर से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने पात्र श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया एवं सुविधाओं के संबंध में जानकारी साझा की।
‘हर घर तिरंगा’ रैली में भी किया प्रतिभाग
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, महिलाओं एवं अन्य प्रतिभागियों ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत आयोजित तिरंगा रैली में भी सहभागिता की। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रतिभागियों ने राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान का संदेश दिया।
तिरंगा रैली के माध्यम से लोगों को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने तथा राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल सुरक्षा, बाल कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और राष्ट्रप्रेम से जुड़े विभिन्न संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में खण्ड विकास अधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक, बाल विकास परियोजना अधिकारी, चिकित्सक, जिला प्रोबेशन कार्यालय की जिला मिशन समन्वयक, जेंडर स्पेशलिस्ट, सामाजिक कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, महिलाएं एवं पुरुष सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
डेरापुर में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं के सम्मान एवं शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। साथ ही लोगों से सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने और बच्चों एवं महिलाओं के अधिकारों तथा सुरक्षा के प्रति सजग रहने की अपील की गई।