करीब 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बिना स्वीकृत ले-आउट प्लान के की जा रही थी प्लाटिंग, साइट ऑफिस व सड़क का भी कराया गया ध्वस्तीकरण
संवाददाता
उरई/जालौन
जिलाधिकारी/उपाध्यक्ष, उरई विकास प्राधिकरण के निर्देश पर 22 अगस्त 2026 को सचिव, उरई विकास प्राधिकरण के नेतृत्व में अवैध प्लाटिंग एवं अनधिकृत उपविभाजन के विरुद्ध ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान झांसी रोड के किनारे रामश्री स्कूल के पास उरई विकास प्राधिकरण से बिना ले-आउट प्लान स्वीकृत कराए की जा रही अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध मौके पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान पाया गया कि करीब 11,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में गेट एवं साइट ऑफिस बनाकर तथा सड़क का निर्माण कर अवैध रूप से भूखंडों का उपविभाजन किया गया था। इसके अलावा सोशल मीडिया साइट्स के माध्यम से उक्त अवैध प्लाटिंग में भूखंडों की बिक्री के लिए विज्ञापन भी किए जा रहे थे। विकास प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण एवं प्लाटिंग को ध्वस्त कराया।
उरई विकास प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि विकास क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी प्रकार की प्लाटिंग अथवा भवन निर्माण करने से पूर्व उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा-14 के अंतर्गत ले-आउट प्लान/मानचित्र का सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन अवश्य करा लें। बिना मानचित्र स्वीकृत कराए प्लाटिंग अथवा भवन निर्माण किए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नोटिस, सीलिंग, अभियोजन, ध्वस्तीकरण एवं जुर्माने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी जालौन के निर्देश पर उरई नगर के प्रमुख मार्गों एवं महत्वपूर्ण स्थलों पर नागरिकों को अवैध कॉलोनियों में भूखंडों की खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए जागरूकता बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में झांसी रोड एवं रिनियां मोड़ पर अवैध कॉलोनी में भूखंडों का क्रय-विक्रय न करने संबंधी सूचना बोर्ड लगाए गए। प्राधिकरण द्वारा अन्य प्रमुख मार्गों एवं स्थलों पर भी ऐसे जागरूकता बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
प्राधिकरण ने प्रॉपर्टी डीलरों एवं प्लाटिंग करने वाले व्यक्तियों से अपील की है कि विकास प्राधिकरण से ले-आउट प्लान (तलपट मानचित्र) स्वीकृत कराने के बाद ही नियमानुसार प्लाटिंग करें तथा शहर के सुनियोजित विकास में सहयोग प्रदान करें।
वहीं भूखंड खरीदने वाले लोगों से भी अपील की गई है कि वे अवैध प्लाटिंग में भूखंड न खरीदें। अन्यथा विकास प्राधिकरण द्वारा की जाने वाली प्रवर्तन कार्रवाई एवं ध्वस्तीकरण के कारण होने वाली क्षति के लिए संबंधित भूखंड क्रेता स्वयं जिम्मेदार होगा।
उरई विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि आगामी दिनों में भी अवैध प्लाटिंग एवं अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सचिव, उरई विकास प्राधिकरण, मुख्य लेखाधिकारी/जोनल अधिकारी, उरई विकास प्राधिकरण, थाना कोतवाली की पुलिस फोर्स, महिला पुलिस बल एवं प्रवर्तन टीम मौजूद रही।