एजेंसी | नई दिल्ली
राज्यसभा में मानसून सत्र के दौरान जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से जुड़े नियमों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। सरकार ने स्पष्ट किया कि यदि किसी बच्चे का जन्म निर्धारित समय सीमा के बाद, विशेष रूप से दो वर्ष से अधिक की देरी से पंजीकृत कराया जाता है, तो इसके लिए सक्षम न्यायालय (मजिस्ट्रेट) के आदेश की आवश्यकता हो सकती है। यह व्यवस्था जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम तथा संबंधित नियमों के तहत लागू प्रावधानों के अनुसार होगी।
सरकार ने बताया कि जन्म पंजीकरण प्रत्येक नागरिक का महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है, जिसके आधार पर शिक्षा, पहचान, सरकारी योजनाओं का लाभ, पासपोर्ट, आधार, मतदाता पहचान पत्र सहित अनेक आवश्यक कार्य पूरे किए जाते हैं। इसलिए अभिभावकों को बच्चे के जन्म के तुरंत बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है।
समय पर जन्म पंजीकरण कराना क्यों है जरूरी
सरकार के अनुसार जन्म प्रमाण पत्र केवल एक सामान्य दस्तावेज नहीं, बल्कि नागरिक की आधिकारिक पहचान का पहला प्रमाण होता है। इसके माध्यम से आयु, नागरिकता तथा अन्य आवश्यक सरकारी रिकॉर्ड तैयार किए जाते हैं। यदि समय पर पंजीकरण नहीं कराया जाता है, तो भविष्य में विभिन्न सरकारी और निजी कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
दो वर्ष से अधिक की देरी पर क्या होगी प्रक्रिया
सरकार ने सदन में जानकारी दी कि यदि जन्म पंजीकरण दो वर्ष से अधिक समय बाद कराया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति या अभिभावक को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। सामान्यतः इसमें निम्नलिखित दस्तावेजों और औपचारिकताओं की आवश्यकता हो सकती है—
- सक्षम न्यायालय (मजिस्ट्रेट) का आदेश।
- स्थानीय जन्म संबंधी उपलब्ध अभिलेख या प्रमाण।
- अस्पताल, ग्राम पंचायत, नगर निकाय अथवा संबंधित प्राधिकारी का प्रमाण पत्र (जहां लागू हो)।
- निर्धारित आवेदन पत्र एवं आवश्यक दस्तावेज।
- संबंधित राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अन्य औपचारिकताएं।
सरकार ने नागरिकों से की समय पर पंजीकरण कराने की अपील
सरकार ने कहा कि जन्म के तुरंत बाद पंजीकरण कराने से भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक समस्या नहीं आती। इसलिए सभी अभिभावकों को चाहिए कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने बच्चों का जन्म पंजीकरण अवश्य कराएं।
डिजिटल व्यवस्था को भी किया जा रहा मजबूत
सरकार ने बताया कि जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन, रिकॉर्ड सत्यापन तथा प्रमाण पत्र प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी। राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों के माध्यम से भी पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नियमों की जानकारी रखना जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि जन्म पंजीकरण से जुड़े नियमों की जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है। समय पर पंजीकरण कराने से भविष्य में शिक्षा, रोजगार, बैंकिंग, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और अन्य सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आती।