संवाददाता, उरई/जालौन
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला पोषण समिति एवं कन्वर्जेंस विभागों की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि कुपोषण की रोकथाम एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य से संबंधित सभी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पोषण अभियान केवल एक विभाग का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से संचालित जनकल्याणकारी अभियान है, इसलिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें।
बैठक के दौरान संभव 6.0 अभियान, पोषण ट्रैकर की प्रगति, टेक होम राशन (टीएचआर) वितरण, होम विजिट, गंभीर कुपोषित (SAM) एवं मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों की पहचान, उपचार एवं फॉलोअप सहित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों द्वारा पोषण ट्रैकर पर लाभार्थियों का शत-प्रतिशत सत्यापन एवं समयबद्ध डेटा फीडिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही, गृह भ्रमण, बच्चों का वजन एवं लंबाई मापन, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की नियमित निगरानी तथा छह वर्ष तक के बच्चों की पोषण स्थिति का निरंतर मूल्यांकन किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं में प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष अभियान चलाकर सुधार लाया जाए तथा नियमित समीक्षा की जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग एवं अन्य सहयोगी विभागों को निर्देशित किया कि गंभीर कुपोषित बच्चों की समयबद्ध पहचान, उपचार, आवश्यक औषधियों की उपलब्धता, टीकाकरण, रेफरल सेवाओं एवं फॉलोअप में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम, पोषण पंचायत, सामुदायिक सहभागिता एवं व्यवहार परिवर्तन गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया, ताकि कुपोषण के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा सके।
बैठक में टेक होम राशन (टीएचआर) वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण पूरक पोषाहार उपलब्ध कराया जाए तथा वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की बाधा अथवा विलंब पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले इस कार्यक्रम में लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाते हुए सभी विभाग बेहतर परिणाम सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.एन. प्रसाद, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, जिला विकास अधिकारी प्रशांत पाण्डेय, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।