मजदूरों, किसानों और श्रमिक संगठनों ने उठाई आवाज, सरकार की नीतियों के खिलाफ जताया विरोध
उरई (जालौन)। अखिल भारतीय किसान महासभा व ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस के संयुक्त बैनर तले पल्लेदार विश्रामगृह, गल्ला मंडी उरई में भव्य मजदूर-किसान मार्च एवं सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूर, किसान और श्रमिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल फॉर ट्रेड यूनियंस के प्रदेश उपाध्यक्ष कामरेड राम सिंह चौधरी ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण छात्रों, किसानों और मजदूरों पर लगातार लाठी-गोली और आंसू गैस तक का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर 22 दिन की भूख हड़ताल के दौरान भी अमानवीय व्यवहार किया गया। चारों श्रम कोडों को गुलामी का दस्तावेज बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इन नीतियों के कारण मजदूरों के अधिकार कमजोर किए जा रहे हैं।
मजदूर-किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना
सभा में वक्ताओं ने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और मजदूरों के पलायन की समस्या गंभीर है। उन्होंने निजीकरण की नीति को देश को बर्बादी की ओर ले जाने वाला कदम बताया और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
वक्ताओं ने मजदूरों एवं किसानों से अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और उनके हितों की रक्षा के लिए आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
सभा के दौरान वक्ताओं ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद सहित लाखों शहीदों के सपनों का भारत बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि आगामी 9 अगस्त 2026 को दूसरी आजादी की जंग का संकल्प लिया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि अब संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जन-युद्ध छोड़ना नहीं, बल्कि उसे मजबूती से आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने किसानों, मजदूरों और श्रमिकों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करने की अपील की।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश सह-सचिव राजीव कुशवाहा सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में पल्लेदार मजदूर यूनियन के अध्यक्ष राजाराम वर्मा, कोषाध्यक्ष रामबाबू अहिरवार, अशोक वर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
सभा के दौरान मजदूर-किसान एकता के समर्थन में नारे लगाए गए और विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की गई। कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि मजदूरों, किसानों और आम जनता के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने मजदूर-किसान एकता को मजबूत करने तथा अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।