संवाददाता, कानपुर देहात
कानपुर देहात, 22 जून 2026। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग, लखनऊ की माननीय सदस्या सुश्री नीरज गौतम ने माती मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस सभागार में जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के कल्याणार्थ संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को शासन की मंशानुसार योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान माननीय सदस्या ने विभिन्न विभागों में कार्यरत अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा उनके साथ पृथक बैठक आयोजित कर सेवा संबंधी विषयों, सुविधाओं एवं लाभों पर विस्तृत चर्चा किए जाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि विभिन्न विभागों में की जाने वाली नियुक्तियों में शासन द्वारा निर्धारित आरक्षण व्यवस्था का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा चयन प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता एवं नियमों के अनुरूप संपन्न कराया जाए।
समीक्षा के दौरान जनसुविधाओं से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। माननीय सदस्या ने गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने, पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं के लिए हवा एवं शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के भुगतान की प्रक्रिया को नियमित एवं समयबद्ध बनाने, मनरेगा के अंतर्गत रोजगार सृजन को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ रखने पर भी बल दिया।
बैठक में तहसील स्तर पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र व्यक्तियों को आवासीय एवं कृषि भूमि आवंटन की समीक्षा की गई। माननीय सदस्या ने निर्देश दिए कि जिन पात्र व्यक्तियों के पास आजीविका के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कृषि भूमि आवंटित की जाए। साथ ही पूर्व में आवंटित पट्टों पर वास्तविक कब्जा सुनिश्चित कर इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा उनकी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
पुलिस विभाग की समीक्षा
बैठक में पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित कुल 76 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें 47 मामलों में आवश्यक कार्रवाई संचालित है, 04 मामलों में अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगाई गई है, 02 प्रकरण निरस्त किए गए हैं तथा 02 मामलों की विवेचना प्रचलित है।
साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु 63 प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं। अनुदान प्राप्त होते ही लाभार्थियों को सहायता राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।
चिकित्सा एवं वन विभाग की समीक्षा
चिकित्सा विभाग की समीक्षा के दौरान माननीय सदस्या ने आयुष्मान कार्ड योजना के अंतर्गत लाभान्वित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थियों की जानकारी प्राप्त की तथा पात्र व्यक्तियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
वन विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने वृक्षारोपण कार्यक्रमों के अंतर्गत लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं उनकी जीवित रहने की दर बढ़ाने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनका संरक्षण सुनिश्चित करना भी है।
बैठक के अंत में माननीय सदस्या ने सभी अधिकारियों को जनता की समस्याओं एवं शिकायतों के प्रति संवेदनशील रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से दूरभाष प्राप्त करें तथा यदि किसी कारणवश कॉल प्राप्त न कर सकें तो उपलब्ध समय में पुनः संपर्क स्थापित कर जनसमस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।