बिना नम्बर प्लेट व ओवरलोड वाहनों पर होगी कड़ी कार्रवाई
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा ₹25,000 प्रोत्साहन : जिलाधिकारी
संवाददाता — कानपुर देहात
जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में आज जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की संयुक्त बैठक माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार, कलेक्ट्रेट कानपुर देहात में सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात प्रबंधन, सड़क अवरोध हटाने, यातायात संकेतकों की उपलब्धता, आपातकालीन सेवाओं की तत्परता, ब्लैक स्पॉट चिन्हांकन व सुधार, तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े जन-जागरूकता कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा “राहवीर योजना” संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत यदि कोई नागरिक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर निकटतम अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर तक सुरक्षित पहुँचाता है, तो उसे शासन की ओर से ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सहायता करने वाले व्यक्ति को किसी भी प्रकार की अनावश्यक पुलिस कार्यवाही या पूछताछ का सामना नहीं करना पड़ेगा तथा प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि वे दुर्घटना की स्थिति में मानवता का परिचय देते हुए घायलों की तत्काल सहायता करें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि हाईवे एवं प्रमुख मार्गों के किनारे अवैध अतिक्रमण को विशेष अभियान चलाकर हटाया जाए, जिससे दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि प्रमुख मार्गों, चौराहों, विद्यालयों एवं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों के पास रंबल स्ट्रिप, स्पीड ब्रेकर एवं रिफ्लेक्टर युक्त साइन बोर्ड लगाए जाएं, ताकि विशेषकर रात्रिकालीन दुर्घटनाओं की संभावनाएं कम हों। इसके साथ ही जनपद में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर शीघ्र सुधारात्मक कार्य कराने के निर्देश दिए गए।
परिवहन विभाग को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बिना नम्बर प्लेट, ओवरलोड, एवं गलत दिशा में चलने वाले वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने हेलमेट व सीट बेल्ट के प्रयोग को अनिवार्य बताते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी चालान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में संचालित सभी विद्यालय वाहनों की नियमित फिटनेस जांच कराई जाए। जो वाहन निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते, उन्हें तत्काल संचालन से बाहर किया जाए। साथ ही चालकों के लाइसेंस सत्यापन, स्पीड गवर्नर की जांच एवं समय-समय पर फिटनेस परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही गोल्डन ऑवर के भीतर राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं ग्राम पंचायत स्तर पर सड़क सुरक्षा शपथ, रैली, पोस्टर प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक एवं प्रचार वाहनों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि आमजन को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया जा सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, नगर निकाय एवं ऊर्जा विभाग को आपसी समन्वय स्थापित कर सड़क सुरक्षा को सामूहिक उत्तरदायित्व मानते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, संभागीय परिवहन अधिकारी, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।