सड़क हादसों में मृत्यु दर कम करना योजना का मुख्य उद्देश्य – सीओ ट्राफिक
संवाददाता — उरई/जालौन
सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सड़क परिवहन मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी “सड़क दुर्घटना पीड़ितों की कैशलेस उपचार योजना” को शीघ्र लागू किया जाएगा। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को सीओ ट्राफिक कार्यालय, उरई द्वारा एनआईसी कार्यालय से गूगल मीट के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अर्चना सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल प्रत्येक पीड़ित को दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 07 दिनों तक ₹1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा सरकारी एवं निजी दोनों प्रकार के चिकित्सालयों में प्राप्त की जा सकेगी।
समय पर इलाज से बचेगी अनमोल जान
कार्यक्रम में वीर बहादुर ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के बाद समय पर इलाज न मिलने के कारण अनेक बहुमूल्य जानें चली जाती हैं। कई बार दुर्घटना के समय घायल व्यक्ति के साथ कोई परिजन मौजूद नहीं होता, जिससे आर्थिक कारणों से इलाज में देरी हो जाती है। यह योजना ऐसी परिस्थितियों में जीवन रक्षक सिद्ध होगी।
मोटर वाहन से होने वाली सभी दुर्घटनाओं पर लागू
उन्होंने बताया कि यह योजना मोटर वाहन के उपयोग से होने वाली सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होगी। किसी भी दुर्घटना में घायल व्यक्ति योजना के निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकेगा।
पायलट प्रोजेक्ट में मिले सकारात्मक परिणाम
अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में देश के कुछ क्षेत्रों में इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट संचालित किया गया है, जिसमें उत्साहजनक एवं सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। आगामी दिनों में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस योजना को पूरे देश में लागू किया जाएगा।
एनएचएआई अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) जालौन से सजल गुप्ता (DIO), पंकज कुमार (ADIO) एवं प्रवीण कुमार उपस्थित रहे। उन्होंने जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को योजना के क्रियान्वयन, प्रक्रिया एवं लाभ से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि योजना के लागू होने के बाद सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर बेहतर उपचार प्राप्त होगा, जिससे मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आएगी।