नवीनीकरण न कराने वाले शीतगृहों को जारी हों नोटिस, नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए – जिलाधिकारी

संवाददाता | उरई/जालौन

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान निर्धारित समयावधि में नवीनीकरण न कराने वाले शीतगृहों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नवीनीकरण प्रक्रिया पूर्ण होने तक किसी भी शीतगृह में किसी प्रकार का अंतरण (ट्रांजेक्शन) नहीं किया जाएगा तथा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

जिलाधिकारी ने शासनादेश में वर्णित प्रावधानों का उल्लेख करते हुए संबंधित शीतगृह स्वामियों को निर्देश दिए कि वे तीन दिवस के भीतर समस्त आवश्यक अभिलेख कार्यालय में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि आवेदन पत्र नियमावली में निर्धारित प्रपत्र पर पूर्ण व स्पष्ट रूप से भरा हुआ होना चाहिए तथा उसमें अंकित समस्त जानकारियां सही होनी चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि आवेदन के साथ लाइसेंस/नवीनीकरण शुल्क की कोषागार में जमा की गई मूल रसीद, पंजीकृत डिग्रीधारक सिविल अभियंता द्वारा जारी भवन सुदृढ़ता प्रमाण-पत्र, पंजीकृत मैकेनिकल/रेफ्रिजरेशन अभियंता द्वारा जारी मशीनरी की सुदृढ़ता, कार्यशीलता एवं अवशीतन क्षमता से संबंधित प्रमाण-पत्र, गत वर्ष की बीमा पॉलिसी कवर नोट की सत्यापित प्रति, विद्युत लोड स्वीकृति एवं वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था (जनरेटर) की उपलब्धता का प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से संलग्न किया जाए।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि यदि गत वर्ष भंडारित सामग्री में किसी प्रकार की क्षति हुई हो तो उसकी विस्तृत सूचना प्रस्तुत की जाए। पार्टनरशिप में संचालित शीतगृहों के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी से हस्ताक्षरित आवेदन पत्र तथा लिमिटेड कंपनी के अंतर्गत संचालित शीतगृहों के लिए सक्षम मैनेजिंग डायरेक्टर द्वारा हस्ताक्षरित आवेदन पत्र के साथ यह अंडरटेकिंग भी प्रस्तुत की जाए कि आवेदन की तिथि तक प्रबंधन व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।

इसके अतिरिक्त शीतगृह भवन, मशीनरी, लकड़ी की रैक्स एवं बॉक्स आदि के सुदृढ़ीकरण/मरम्मत का प्रमाण-पत्र, अंतिम विद्युत बिल के भुगतान की रसीद तथा उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी प्रमाण-पत्र की सत्यापित प्रति प्रस्तुत करना भी अनिवार्य किया गया है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि भंडारण के समय शीतगृहों द्वारा पावती रसीद जारी की जाए, जिसमें भंडारण शुल्क एवं भंडारण अवधि (15 फरवरी से 30 नवम्बर) का स्पष्ट उल्लेख हो। साथ ही यह जानकारी शीतगृह के सूचना पट्ट पर प्रदर्शित की जाए।

शासनादेश में वर्णित उपरोक्त बिंदुओं के अनुपालन के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को लंबित नवीनीकरण प्रकरणों में शीतगृह स्वामियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, डीएचओ परवेज खान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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