मलिन व घनी बस्तियों में विशेष स्वच्छता अभियान, एंटी-लार्वा स्प्रे, फॉगिंग व ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर
संवाददाता | उरई/जालौन
उरई।
माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में आगामी त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए जनपद में स्वच्छता एवं जन-स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने केम्प कार्यालय से एक वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट एवं कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
जिलाधिकारी ने शहरी क्षेत्रों की मलिन एवं घनी बस्तियों में किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी असामान्य स्थिति उत्पन्न न होने देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी नगरीय निकायों में सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान अनिवार्य रूप से संचालित किया जाए। उन्होंने प्रत्येक वार्ड में प्रातः 05:00 बजे से 08:00 बजे तक सफाई कर्मियों की बीट निर्धारित कर सड़कों एवं गलियों की नियमित सफाई सुनिश्चित कराने के साथ-साथ सायंकाल द्वितीय पाली में भी सफाई एवं कूड़ा उठान कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने नगर निकायों के अधीन सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों में नियमित साफ-सफाई एवं विसंक्रमण की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार करते हुए दिन में एंटी-लार्वा स्प्रे तथा सायंकाल फॉगिंग कराने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त मलिन एवं घनी बस्तियों में ब्लीचिंग पाउडर, मैलाथियान डस्ट एवं चूना के नियमित छिड़काव पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सफाई के दौरान एकत्रित कूड़े को तत्काल सेनेट्री लैंडफिल साइट अथवा निर्धारित स्थान पर भेजा जाए तथा किसी भी स्थिति में कूड़ा या सिल्ट सड़कों पर न छोड़ा जाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली के अनुरूप कूड़े के संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन, प्रसंस्करण एवं निस्तारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
इसके साथ ही जनसामान्य को व्यक्तिगत एवं पर्यावरणीय स्वच्छता, खुले में शौच न करने, शुद्ध पेयजल के उपयोग तथा एईएस/जेई एवं अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विभिन्न प्रचार-प्रसार माध्यमों से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने नगरीय क्षेत्रों में सीवर लाइन एवं पेयजल पाइपलाइन के क्रॉस-कनेक्शन की नियमित जांच, लीकेज अथवा क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की त्वरित मरम्मत तथा सीवर लीकेज की स्थिति में भी शुद्ध पेयजल आपूर्ति निर्बाध रखने के निर्देश दिए। साथ ही जलापूर्ति टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
उन्होंने नगर निकाय, जलकल विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित अधिशासी अधिकारी प्रतिदिन फील्ड में जाकर स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करेंगे एवं निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि स्वच्छता एवं जन-स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद, अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।