कालपी के हाथ कागज से लेकर लकड़ी के खिलौने, गौ-निर्मित उत्पाद और स्थानीय खाद्य पदार्थों तक दिखेगी जनपद की पहचान
संवाददाता
उरई/जालौन
उरई। बुंदेलखंड की धरती पर अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाला जनपद जालौन अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने हुनर, स्थानीय उत्पादों और उद्यमिता की पहचान दर्ज कराने की तैयारी में है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, नॉलेज पार्क-2 में 24 से 29 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS)-2026 में जालौन के पांच उद्यमी अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। करीब 80 देशों की भागीदारी वाले इस आयोजन में जनपद के उत्पादों को देश-दुनिया के खरीदारों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
जिलाधिकारी समीर ने जनपद में उद्योगों के विस्तार और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जालौन के पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ छोटे-बड़े उद्योगों और नए उद्यमियों को भी आगे लाया जाए, जिससे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, विपणन और बाजार उपलब्धता का विस्तार हो सके। जिलाधिकारी ने ऐसे उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया है, जिनमें उत्पादन बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने की क्षमता है।
इसी क्रम में यूपीआईटीएस-2026 को जालौन के उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण कारोबारी मंच माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जनपद की औद्योगिक एवं स्थानीय उत्पाद पहचान प्रदर्शित करने के लिए पांच प्रतिभागियों को स्टॉल आवंटित किए गए हैं। इनमें कालपी का प्रसिद्ध हाथ कागज उद्योग प्रमुख आकर्षण रहेगा। ओडीओपी और जीआई टैग के माध्यम से कालपी के हाथ कागज को पहले से ही विशिष्ट पहचान प्राप्त है। अब अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने इसके उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
पांच उद्यमी करेंगे उत्पादों का प्रदर्शन
उपायुक्त उद्योग धर्मेंद्र भास्कर ने बताया कि हाथ कागज संघ कालपी के अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी ओडीओपी (हाथ कागज) एवं जीआई टैग क्षेत्र से प्रतिभाग करेंगे। इसके अलावा अमन चंदेल लकड़ी के खिलौने, राधा पाण्डेय गौ-निर्मित उत्पाद, अखिलेश पाल ओडीओसी के अंतर्गत रसगुल्ला एवं गुझिया तथा शौर्य कुमार सिंह, अनुरागिनी संस्थान कालपी हाथ कागज उत्पाद श्रेणी में अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे।
वैश्विक खरीदारों से सीधे जुड़ने का अवसर
यूपीआईटीएस-2026 जालौन के उद्यमियों के लिए महज प्रदर्शनी नहीं, बल्कि स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच भी होगा। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में उद्यमियों को अपने उत्पादों की सीधे प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा। इससे नए कारोबारी संपर्क स्थापित होने के साथ ही विपणन और व्यापार विस्तार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
छोटे उद्यमों के लिए यह मंच बड़े बाजार तक पहुंच बनाने में मददगार होगा, जबकि स्थापित उद्योगों को नए ग्राहकों और बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। प्रदेश सरकार की ओर से प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओडीओपी एवं जीआई टैग, सीएम युवा तथा ओडीओसी श्रेणी के प्रतिभागियों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा ट्रेड शो में प्रतिभाग करने वाले उद्यमियों को ट्रांसपोर्टेशन पर 75 प्रतिशत तक किराया प्रतिपूर्ति का भी प्रावधान है।
उद्योग और रोजगार को मिलेगा नया आधार
जनपद में उद्योगों के विस्तार को केवल पारंपरिक उत्पादों तक सीमित न रखते हुए छोटे-बड़े उद्योगों, नए उद्यमियों और नवाचार आधारित कारोबार को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य जालौन की पहचान को कृषि प्रधान जनपद के साथ-साथ उत्पादन, उद्यमिता, स्थानीय ब्रांड और रोजगार सृजन के उभरते केंद्र के रूप में मजबूत करना है।
कालपी का हाथ कागज उद्योग जालौन की विशिष्ट पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके साथ लकड़ी के खिलौने, गौ-निर्मित उत्पाद तथा स्थानीय खाद्य पदार्थों की मौजूदगी जनपद की विविध उत्पाद क्षमता को भी प्रदर्शित करेगी। यूपीआईटीएस-2026 में जालौन की भागीदारी से स्थानीय हुनर और उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने तथा जिले के उद्योगों के विस्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।