15 सितंबर तक हज कमेटी की वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे मेडिकल प्रमाण पत्र, जांच में बीमारी छिपाने पर होगी कार्रवाई
संवाददाता / उरई-जालौन
उरई, 10 सितंबर 2026। हज-2027 के लिए चयनित हज यात्रियों के लिए मेडिकल स्क्रीनिंग एवं फिटनेस प्रमाण पत्र कराना अनिवार्य किया गया है। इस संबंध में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति, मौलाना अली मियां मेमोरियल हज हाउस, सरोजनी नगर, लखनऊ के पत्र दिनांक 2 सितंबर 2026 के माध्यम से हज कमेटी ऑफ इंडिया, मुंबई के सर्कुलर-10 दिनांक 1 सितंबर 2026 में जारी दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया है।
निर्देशों के अनुसार चयनित हज यात्रियों को दो चरणों में मेडिकल स्क्रीनिंग एवं फिटनेस जांच करानी होगी। प्रथम चरण में हज यात्रियों के चयन के बाद तथा द्वितीय चरण में हज यात्रा के लिए उड़ान से पूर्व मेडिकल जांच कराई जाएगी।
प्रथम चरण की मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए चयनित हज यात्रियों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुसार सरकारी चिकित्सा केंद्र में आवश्यक जांच करानी होगी। जांच के उपरांत एलोपैथिक पद्धति के चिकित्सक द्वारा मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इस संबंध में प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को शासन स्तर से भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
15 सितंबर तक वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे दस्तावेज
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि हज यात्रियों को मेडिकल स्क्रीनिंग एवं फिटनेस प्रमाण पत्र, अग्रिम जमा धनराशि की रसीद तथा अन्य आवश्यक प्रपत्र हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर 15 सितंबर 2026 तक अपलोड करना अनिवार्य होगा।
हज यात्रियों को सलाह दी गई है कि प्रथम चरण की मेडिकल स्क्रीनिंग एवं फिटनेस प्रमाण पत्र वेबसाइट पर अपलोड करने के बाद प्रमाण पत्र और जांच रिपोर्ट को सुरक्षित अपने पास रखें। द्वितीय चरण की मेडिकल जांच के दौरान इन दस्तावेजों को प्रस्तुत करना आवश्यक हो सकता है।
बीमारी की जानकारी छिपाने से बचें
जारी निर्देशों में हज यात्रियों को विशेष रूप से सलाह दी गई है कि मेडिकल जांच के दौरान किसी भी प्रकार की बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को न छिपाएं। जांच में अनफिट पाए जाने वाले हज यात्रियों की हज यात्रा निरस्त कर दी जाएगी और नियमानुसार उनकी जमा धनराशि वापस की जाएगी।
वहीं यदि किसी हज यात्री द्वारा जानबूझकर अपनी बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई जाती है और बाद में जांच के दौरान उसे अनफिट पाया जाता है, तो संबंधित यात्री के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। ऐसी स्थिति में जमा धनराशि जब्त किए जाने का भी प्रावधान बताया गया है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने हज-2027 के लिए चयनित सभी यात्रियों से निर्धारित समयसीमा का पालन करते हुए मेडिकल स्क्रीनिंग, फिटनेस प्रमाण पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया समय से पूरी करने की अपील की है।