संवाददाता | उरई
उरई, 05 सितम्बर 2026 (सू०वि०)। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में परिवार न्यायालय, जालौन स्थान उरई की अनुश्रवण राष्ट्रीय लोक अदालत समिति की चतुर्थ बैठक शनिवार को आयोजित की गई। बैठक आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 12 सितम्बर 2026 को सफल बनाए जाने को लेकर आयोजित हुई।
बैठक का आयोजन नवनिर्मित भवन स्थित वादकारियों के बैठने हेतु प्रतीक्षालय एवं परामर्शदाता केन्द्र, परिवार न्यायालय, जालौन स्थान उरई में किया गया। बैठक माननीय प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, जालौन स्थान उरई श्री मनोज कुमार सिंह गौतम के कुशल मार्गदर्शन में तथा अध्यक्ष/नोडल अधिकारी श्री प्रवीण कुमार पाण्डेय, अपर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, जालौन स्थान उरई की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक में परिवार कल्याण विशेषज्ञ एवं सदस्य/मध्यस्थगण को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्हें निर्देशित किया गया कि पारिवारिक, वैवाहिक एवं भरण-पोषण से संबंधित वादों को अधिक से अधिक संख्या में चिन्हित कर प्री-लिटिगेशन की कार्रवाई कराई जाए। साथ ही, पक्षकारों के मध्य सुलह-वार्ता कराए जाने का अधिक से अधिक प्रयास किया जाए, जिससे दाम्पत्य विवाद से संबंधित विभिन्न प्रकार के वादों का राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से सुलह-समझौते के आधार पर अधिक से अधिक निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में उपस्थित परिवार कल्याण विशेषज्ञ सुश्री प्रियंका द्विवेदी ने बताया कि लिटिगेशन हेतु न्यायालय से प्राप्त होने वाली पत्रावलियों में मीडिएशन कराया जा रहा है। इसके साथ ही वादकारियों से निरंतर संपर्क किया जा रहा है तथा नियत तिथियों पर पक्षकारों के मध्य सुलह-वार्ता कराने का भरसक प्रयास किया जा रहा है, ताकि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर अधिक से अधिक वादों का निस्तारण कराया जा सके।
वहीं, बैठक में उपस्थित सदस्य/मध्यस्थ श्री विनोद प्रकाश व्यास ने बताया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के उद्देश्य से पक्षकारों के मध्य मध्यस्थता कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक में उपस्थित समस्त विद्वान अधिवक्तागण द्वारा भी आश्वासन दिया गया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का निस्तारण कराने के लिए पक्षकारों को समझाने और सुलह-समझौते के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में सदर मुंसरिम श्री काजी वसीम उल्ला सहित विद्वान अधिवक्तागण, बार संघ महासचिव श्रीमती साधना त्रिपाठी एडवोकेट, श्री कर्मक्षेत्र अवस्थी एडवोकेट, श्री रविन्द्र पटेल एडवोकेट, श्री नयन चतुर्वेदी एडवोकेट आदि उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से पारिवारिक एवं वैवाहिक विवादों से संबंधित अधिक से अधिक वादों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराने के लिए बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रयासों पर विशेष जोर दिया गया।