डीएम-एसपी ने प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण, सफाई और कैचमेंट क्षेत्र चिन्हित करने के निर्देश
संवाददाता | उरई/जालौन
लगातार हो रही बारिश के चलते शहर में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने शनिवार को प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मलंगा नाले के बढ़े जलस्तर एवं जलभराव की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को नाले की तत्काल सफाई कराने तथा जलप्रवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में नाले में कई स्थानों पर कचरा फंसा हुआ मिला, जिससे पानी के बहाव में रुकावट आ रही थी। जिलाधिकारी ने तत्काल कचरा हटवाकर नाले की सफाई कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि लगातार बारिश को देखते हुए जलभराव संभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी जलप्रवाह बाधित होने की आशंका हो, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए।
मलंगा नाले पर अतिक्रमण को लेकर जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाई। उन्होंने सिंचाई विभाग एवं नगर पालिका की संयुक्त टीम को नाले के कैचमेंट क्षेत्र का चिन्हांकन कराने तथा अवैध कब्जों की जांच के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि नाले के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैध कब्जे अथवा जलप्रवाह को बाधित करने वाले निर्माण पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन द्वारा जलस्तर एवं जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलभराव संभावित क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखने तथा जलप्रवाह को सुचारु रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि फिलहाल जिले में स्थिति सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन जलस्तर एवं जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। पुलिस एवं प्रशासन की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से जलभराव की स्थिति को देखते हुए नाले की सफाई, जलप्रवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने तथा कैचमेंट क्षेत्र के चिन्हांकन पर विशेष जोर दिया गया।