कानपुर देहात न्यायालय ने सुनाया फैसला, अर्थदंड न देने पर 1 वर्ष 8 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास
संवाददाता | कानपुर देहात
कानपुर देहात, 03 सितम्बर 2026। अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे #OperationConviction अभियान के तहत कानपुर देहात में दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को दोष सिद्ध होने पर 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹28,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
माननीय न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-15 (बलात्संग/पॉक्सो एक्ट), जनपद कानपुर देहात द्वारा दिनांक 03 सितम्बर 2026 को अभियुक्त सुन्दरनाथ पुत्र स्वर्गीय विनोदनाथ, निवासी सिकन्दरपुर, थाना सौरिख, जनपद कन्नौज को दोष सिद्ध करते हुए यह सजा सुनाई गई।
2022 में दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के अनुसार, दिनांक 21 सितम्बर 2022 को अभियुक्त सुन्दरनाथ द्वारा वादी की नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म की घटना के संबंध में थाना रसूलाबाद में मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस मामले में थाना रसूलाबाद पर मु0अ0सं0 464/2022 के तहत धारा 363/366/376(3) भादवि0 एवं 3/4(2) पॉक्सो एक्ट में अभियुक्त सुन्दरनाथ के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया था।
विवेचना के बाद न्यायालय भेजा गया आरोप पत्र
पुलिस के अनुसार, विवेचक द्वारा गुणवत्तापूर्ण विवेचना करते हुए वास्तविक तथ्यों के आधार पर साक्ष्य संकलित किए गए। विवेचना निस्तारित करते हुए मुकदमे में नामित अभियुक्त सुन्दरनाथ के विरुद्ध 23 नवम्बर 2022 को आरोप पत्र माननीय न्यायालय प्रेषित किया गया।
माननीय न्यायालय में पेश किए गए साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त को दोषी ठहराया गया।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी
पुलिस द्वारा बताया गया कि वादी को त्वरित न्याय एवं अपराधियों को सजा दिलाए जाने के लिए #OperationConviction अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्चाधिकारियों द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में थाना रसूलाबाद पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन एवं मॉनिटरिंग सेल द्वारा सतत एवं प्रभावी पैरवी की गई। सही तथ्यों पर गवाहों की गवाही माननीय न्यायालय के समक्ष कराई गई।
अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त सजा
माननीय न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-15 (बलात्संग/पॉक्सो एक्ट), जनपद कानपुर देहात द्वारा अभियुक्त सुन्दरनाथ को 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹28,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया।
अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को 1 वर्ष 8 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।
पुलिस के अनुसार, यह सजा समाज में महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम, कानून एवं शांति व्यवस्था तथा अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।