तकनीकी खामियों के कारण लंबित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति आवेदनों का होगा पुनः परीक्षण, 29 सितंबर से 2 अक्टूबर तक खातों में भेजी जाएगी धनराशि
संवाददाता | कानपुर देहात
कानपुर देहात, 2 सितंबर 2026। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ पाने से तकनीकी अथवा अन्य कारणों से वंचित रह गए पात्र छात्र-छात्राओं के लिए राहत की खबर है। समाज कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष/शैक्षिक सत्र 2025-26 में दशमोत्तर कक्षाओं के ऐसे पात्र विद्यार्थियों के लंबित आवेदनों के निस्तारण के लिए विशेष कार्ययोजना एवं समय-सारिणी जारी की है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी गीता सिंह ने बताया कि प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, समाज कल्याण अनुभाग-3 के 29 अगस्त 2026 के शासनादेश के अनुपालन में यह विशेष व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य ऐसे पात्र विद्यार्थियों के लंबित प्रकरणों का पुनः परीक्षण कर उन्हें चालू वित्तीय वर्ष में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ उपलब्ध कराना है, जो विभिन्न तकनीकी अथवा अन्य कारणों से योजना के लाभ से वंचित रह गए थे।
तकनीकी खामियों के कारण अटके थे कई आवेदन
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं में कई पात्र विद्यार्थियों के आवेदन विभिन्न कारणों से लंबित रह गए थे।
इनमें शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों एवं एफिलिएटिंग एजेंसियों द्वारा मास्टर डाटा लॉक न किया जाना, विद्यार्थियों द्वारा त्रुटिपूर्ण डाटा अपलोड किया जाना, आवेदन लंबित रहना, पीएफएमएस पर आवेदन रिजेक्ट होना तथा ट्रांजेक्शन फेल होना जैसी तकनीकी समस्याएं शामिल थीं।
इन समस्याओं के चलते पात्र होने के बावजूद अनेक छात्र-छात्राओं को समय पर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ प्राप्त नहीं हो सका था। शासन की ओर से ऐसे पात्र विद्यार्थियों के लंबित प्रकरणों का दोबारा परीक्षण कर उन्हें लाभान्वित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
1 से 7 सितंबर तक तैयार होगा मास्टर डाटा
निर्धारित विशेष समय-सारिणी के अनुसार शिक्षण संस्थानों द्वारा मास्टर डाटा तैयार करने का कार्य 1 सितंबर से 7 सितंबर 2026 तक किया जाएगा।
इसके बाद विश्वविद्यालयों एवं एफिलिएटिंग एजेंसियों द्वारा फीस एवं अन्य विवरणों का सत्यापन 2 से 8 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। वहीं जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा फीस सत्यापन का कार्य 3 से 9 सितंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा।
इसी क्रम में विश्वविद्यालयों/एफिलिएटिंग एजेंसियों द्वारा परिणाम अद्यतन करने की प्रक्रिया 3 से 10 सितंबर 2026 तक पूरी की जाएगी।
त्रुटिपूर्ण आवेदनों में होगा सुधार
विशेष कार्ययोजना के तहत राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा प्राप्त डाटा का परीक्षण और उसमें पाई जाने वाली त्रुटियों के सुधार के लिए आवश्यक डाटा उपलब्ध कराने की कार्यवाही 11 से 15 सितंबर 2026 तक की जाएगी।
इसके बाद शिक्षण संस्थानों को त्रुटिपूर्ण आवेदनों में आवश्यक संशोधन कर उन्हें अग्रसारित करने का अवसर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया 16 से 18 सितंबर 2026 तक चलेगी।
वहीं शिक्षण संस्थानों द्वारा संशोधित एवं पात्र डाटा अग्रसारित करने का कार्य 17 से 19 सितंबर 2026 तक किया जाएगा।
इसके बाद एनआईसी द्वारा पुनः परीक्षण कर शुद्ध डाटा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया 20 से 22 सितंबर 2026 तक संपन्न की जाएगी।
25 सितंबर तक शुद्ध डाटा लॉक होगा
विशेष समय-सारिणी के अनुसार जनपदीय समिति द्वारा शुद्ध डाटा लॉक करने की कार्यवाही 17 से 25 सितंबर 2026 तक की जाएगी।
इसके बाद छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवश्यक मांग सृजन की प्रक्रिया 26 से 28 सितंबर 2026 तक पूरी की जाएगी।
यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र छात्र-छात्राओं को उनके बैंक खातों में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि भेजने की कार्यवाही शुरू होगी।
29 सितंबर से 2 अक्टूबर तक खातों में पहुंचेगी धनराशि
जिला समाज कल्याण अधिकारी के अनुसार पात्र छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में धनराशि अंतरण की कार्यवाही 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक की जाएगी।
धनराशि का अंतरण पीएफएमएस (PFMS) प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद निर्धारित पात्रता वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिल सकेगा।
विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों से समय पर कार्रवाई की अपील
जिला समाज कल्याण अधिकारी गीता सिंह ने सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों, एफिलिएटिंग एजेंसियों तथा छात्र-छात्राओं से अपील की है कि विशेष समय-सारिणी का गंभीरता से पालन करें।
उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि में संबंधित स्तर से आवश्यक कार्यवाही पूरी करना बेहद जरूरी है, ताकि पात्र विद्यार्थियों के आवेदन समय से निस्तारित हो सकें और उन्हें छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने संबंधित संस्थानों से डाटा एवं अभिलेखों की जांच सावधानीपूर्वक करने तथा त्रुटिपूर्ण आवेदनों में निर्धारित समय के भीतर आवश्यक संशोधन कराने का अनुरोध किया है।
पात्र विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर
शासन द्वारा जारी यह विशेष कार्ययोजना उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, जिनके आवेदन किसी तकनीकी समस्या अथवा प्रक्रिया संबंधी कारण से लंबित रह गए थे। अब संबंधित विभागों, शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों के स्तर से दोबारा परीक्षण एवं सुधार की प्रक्रिया के माध्यम से पात्र मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
ऐसे में संबंधित छात्र-छात्राओं को अपने आवेदन से जुड़ी जानकारी पर नजर रखते हुए शिक्षण संस्थान के स्तर से आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी करानी होगी। वहीं संस्थानों एवं संबंधित एजेंसियों को भी निर्धारित तिथियों के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की विशेष समय-सारिणी एक नजर में
| कार्य | निर्धारित अवधि |
|---|---|
| शिक्षण संस्थानों द्वारा मास्टर डाटा तैयार करना | 1 से 7 सितंबर 2026 |
| विश्वविद्यालय/एफिलिएटिंग एजेंसी द्वारा फीस एवं अन्य विवरण सत्यापन | 2 से 8 सितंबर 2026 |
| जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा फीस सत्यापन | 3 से 9 सितंबर 2026 |
| परिणाम अद्यतन | 3 से 10 सितंबर 2026 |
| एनआईसी द्वारा डाटा परीक्षण एवं त्रुटि सुधार हेतु डाटा उपलब्ध कराना | 11 से 15 सितंबर 2026 |
| शिक्षण संस्थानों द्वारा त्रुटिपूर्ण आवेदनों में संशोधन | 16 से 18 सितंबर 2026 |
| संशोधित एवं पात्र डाटा अग्रसारित करना | 17 से 19 सितंबर 2026 |
| एनआईसी द्वारा पुनः परीक्षण एवं शुद्ध डाटा उपलब्ध कराना | 20 से 22 सितंबर 2026 |
| जनपदीय समिति द्वारा शुद्ध डाटा लॉक करना | 17 से 25 सितंबर 2026 |
| मांग सृजन | 26 से 28 सितंबर 2026 |
| बैंक खातों में धनराशि अंतरण | 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 |
समाज कल्याण विभाग की इस विशेष पहल से तकनीकी अथवा अन्य कारणों से छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए पात्र विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। विभाग ने सभी संबंधित पक्षों से समय-सारिणी के अनुसार कार्यवाही पूरी करने की अपील की है, ताकि लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।