डिजिटल व्यवस्था से आउटसोर्स कर्मियों का मानव संसाधन प्रबंधन होगा अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित : मुख्यमंत्री

लखनऊ में UPCOS का शुभारंभ, पोर्टल-वेबसाइट की लॉन्चिंग और आउटसोर्स कर्मियों को चेक वितरण; जालौन में राजकीय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में हुआ सजीव प्रसारण

संवाददाता | उरई/जालौन

उरई। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आउटसोर्स कर्मियों के मानव संसाधन प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान UPCOS के पोर्टल एवं वेबसाइट की लॉन्चिंग, निगम के लोगो का अनावरण तथा आउटसोर्स कर्मियों को चेक वितरण किया गया।

इस कार्यक्रम का जनपद जालौन में राजकीय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में सजीव प्रसारण किया गया। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, जनपद स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी और विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

डिजिटल एकीकरण से मानव संसाधन प्रबंधन को मिलेगी नई दिशा

UPCOS के शुभारंभ का उद्देश्य आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन को डिजिटल व्यवस्था से जोड़कर अधिक एकीकृत और व्यवस्थित बनाना है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से आउटसोर्स कर्मियों से संबंधित मानव संसाधन प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

जालौन में आयोजित सजीव प्रसारण कार्यक्रम के दौरान भी वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से व्यवस्थाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने लिया कार्यक्रम में हिस्सा

राजकीय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचन्द्र निरंजन, विधान परिषद सदस्य के प्रतिनिधि मयंक त्रिपाठी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) राजीव राज, मुख्य चिकित्साधिकारी हरिनंदन प्रसाद, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, जिला विकास अधिकारी निशांत पाण्डेय और जिला पंचायत राज अधिकारी राम आयोध्या प्रसाद सहित जनपद स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

इसके अलावा बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों ने भी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया और मुख्यमंत्री द्वारा लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा।

UPCOS की पहल सराहनीय : डॉ. घनश्याम अनुरागी

जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आउटसोर्स कर्मियों की कार्यप्रणाली को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की पहल अत्यंत सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि UPCOS के माध्यम से आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन को एकीकृत एवं व्यवस्थित बनाने में सहायता मिलेगी। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को और अधिक मजबूत किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मी विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके मानव संसाधन प्रबंधन को तकनीक आधारित व्यवस्था से जोड़ना महत्वपूर्ण कदम है।

तकनीक से प्रशासनिक व्यवस्था होगी सरल और प्रभावी : गौरीशंकर वर्मा

सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रशासनिक व्यवस्थाओं में लगातार तकनीक का समावेश कर उन्हें सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने का कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि UPCOS का शुभारंभ आउटसोर्स कर्मियों और उनसे संबंधित विभागों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से मानव संसाधन प्रबंधन में बेहतर समन्वय स्थापित होने के साथ ही कार्यों के प्रभावी संचालन में भी सहायता मिलेगी।

विधायक ने कहा कि बदलते समय में सरकारी व्यवस्थाओं में तकनीक का उपयोग आवश्यक है और UPCOS इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

आउटसोर्स कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण : मूलचन्द्र निरंजन

माधौगढ़ विधायक मूलचन्द्र निरंजन ने कहा कि आउटसोर्स कर्मी विभिन्न विभागों एवं संस्थानों की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि उनके मानव संसाधन प्रबंधन को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना सरकार की दूरदर्शी पहल है। UPCOS के माध्यम से व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संबंधित व्यवस्थाओं में बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है, जिससे विभागों और आउटसोर्स कर्मियों के बीच कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

आउटसोर्स कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को उनके कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर आउटसोर्स कर्मियों में उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम में आउटसोर्स कर्मियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया गया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा कि विभिन्न विभागों और संस्थानों की दैनिक व्यवस्थाओं को संचालित करने में आउटसोर्स कर्मियों का योगदान महत्वपूर्ण है।

श्रम विभाग की योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृत धनराशि की दी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को स्वीकृत धनराशि की जानकारी भी दी गई।

कन्या विवाह सहायता योजना के अंतर्गत निम्न लाभार्थियों के लिए 65-65 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई—

  • गायत्री देवी पत्नी दिनेश कुमार, मु. लहरियापुरवा, उरई
  • उदयपाल सिंह पुत्र विश्वनाथ, राजेन्द्र नगर, उरई
  • गुड्डी पत्नी जाफर अली, करसान रोड, नया पटेल नगर, उरई

इसी प्रकार मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के अंतर्गत निम्न लाभार्थियों के लिए धनराशि स्वीकृत की गई—

  • पूजा पत्नी रोहित कुमार, कांशीराम कॉलोनी, उरई — 54,063 रुपये
  • नितिन गुप्ता पुत्र रामरूप गुप्ता, जोशियाना, जालौन — 31,000 रुपये
  • दिनेश कुमार पुत्र ज्वाला प्रसाद, इंद्रा नगर, उरई — 31,000 रुपये

कार्यक्रम के माध्यम से लाभार्थियों को श्रम विभाग की योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली सहायता के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई गई।

जिलाधिकारी ने आउटसोर्स कर्मियों को दी बधाई

कार्यक्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने उपस्थित सभी आउटसोर्स कर्मियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से मानव संसाधन प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने और संबंधित कार्यों में समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया।

डिजिटल व्यवस्था से बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही

UPCOS के शुभारंभ को आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन को डिजिटल प्रणाली से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। एकीकृत डिजिटल व्यवस्था से संबंधित प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

जालौन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने डिजिटल व्यवस्था के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आउटसोर्स कर्मियों ने UPCOS के शुभारंभ को महत्वपूर्ण पहल बताते हुए इसे मानव संसाधन प्रबंधन को आधुनिक डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में उपयोगी कदम बताया।

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