तीन अनफिट स्कूली वाहन फिटनेस सेंटर भेजे गए, पांच वाहनों को किया गया निरुद्ध; अन्य वाहनों के भी काटे गए चालान
संवाददाता | उरई/जालौन
उरई। स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने तथा परिवहन नियमों का कड़ाई से पालन कराने के उद्देश्य से शासन के निर्देशों के क्रम में ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को जनपद जालौन में स्कूली वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया।
अभियान संजय सिंह, उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) झांसी एवं राजेश कुमार वर्मा, सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) झांसी के नेतृत्व में संचालित किया गया। अभियान के दौरान जनपद के विभिन्न विद्यालयों में संचालित स्कूली वाहनों की फिटनेस, आवश्यक दस्तावेजों एवं सुरक्षा मानकों की जांच की गई।
माँ शारदा इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल एट का हुआ औचक निरीक्षण
अभियान के तहत अधिकारियों द्वारा माँ शारदा इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, एट, जनपद जालौन का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय के 03 स्कूली वाहन अनफिट पाए गए।
अनफिट पाए गए तीनों वाहनों को प्रवर्तन दल की अभिरक्षा में लेते हुए फिटनेस सेंटर भेजा गया। संबंधित वाहन संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि फिटनेस संबंधी आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इन वाहनों का संचालन किया जाए।
अधिकारियों ने बताया कि इससे पूर्व भी उक्त विद्यालय के वाहनों के विरुद्ध चालान एवं निरुद्ध करने की कार्रवाई की जा चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों को लेकर लगातार निगरानी जारी रखी जा रही है।
दूर-दराज के विद्यालयों पर विशेष फोकस
अभियान के दौरान जनपद के अन्य विद्यालयों में भी पहुंचकर स्कूली वाहनों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रबंधन एवं प्रधानाचार्यों को स्कूली वाहनों के संचालन से संबंधित नियमों एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।
विद्यालय प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों द्वारा लिखित रूप से आश्वासन दिया गया कि उनके विद्यालय में केवल फिट एवं सभी वैध प्रपत्रों वाले वाहनों का ही संचालन कराया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का विशेष उद्देश्य जनपद मुख्यालय से दूर-दराज स्थित विद्यालयों में संचालित स्कूली वाहनों पर विशेष निगरानी रखना है, ताकि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता न हो।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
उप परिवहन आयुक्त संजय सिंह ने स्कूल प्रबंधन एवं वाहन स्वामियों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया कि ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत स्कूली वाहनों की जांच का अभियान लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा प्रशासन एवं परिवहन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्यालय प्रबंधन और वाहन स्वामियों को निर्देशित किया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें।
स्कूली वाहनों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, आपातकालीन द्वार, वैध फिटनेस, आवश्यक प्रमाण-पत्र एवं प्रशिक्षित चालक सहित निर्धारित सुरक्षा व्यवस्थाओं का होना अनिवार्य है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पांच स्कूली वाहन किए गए निरुद्ध
अभियान के दौरान राजेश कुमार, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), जनपद जालौन एवं आनन्द राय कुरील, यात्री/मालकर अधिकारी, जालौन द्वारा विभिन्न स्कूली वाहनों की जांच की गई।
जांच के दौरान 05 स्कूली वाहनों में परिवहन नियमों एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वाहनों को विभिन्न थानों में निरुद्ध कराया गया। इसके अतिरिक्त नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य स्कूली वाहनों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई भी की गई।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से विद्यालय प्रबंधन एवं स्कूली वाहन संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
कार्यालय के पटलों का भी किया निरीक्षण
अभियान के अंत में उप परिवहन आयुक्त संजय सिंह एवं सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राजेश कुमार वर्मा द्वारा संबंधित कार्यालय के विभिन्न पटलों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान कार्यालयीय कार्यों की स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक सुधारात्मक सुझाव एवं दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं बेहतर कार्यप्रणाली बनाए रखने पर जोर दिया गया।
परिवहन विभाग ने कहा कि ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत स्कूली वाहनों की जांच एवं कार्रवाई का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि जनपद में संचालित सभी स्कूली वाहनों को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित कराया जा सके और छात्र-छात्राओं की यात्रा को सुरक्षित बनाया जा सके।