दिशा समिति की बैठक में जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की हुई समीक्षा, लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश
संवाददाता | उरई/जालौन
उरई। विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में माननीय सांसद नारायणदास अहिरवार की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यक्रमों की प्रगति की विभागवार समीक्षा की गई। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कराने तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पिछली बैठक के निर्देशों के अनुपालन की हुई समीक्षा
बैठक की शुरुआत में सांसद ने पिछली दिशा समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की गई। प्रगति की समीक्षा करते हुए सांसद ने संतोष व्यक्त किया तथा जिन कार्यों को अभी पूरा किया जाना शेष है, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो तथा जिन योजनाओं में कार्य लंबित हैं, उनकी नियमित समीक्षा करते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
पात्र एवं जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
सांसद ने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा आमजन के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब इनका लाभ पात्र एवं जरूरतमंद लोगों तक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लाभार्थियों के चयन में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और किसी भी पात्र व्यक्ति को योजनाओं के लाभ से वंचित न रहना पड़े। साथ ही अपात्र लोगों को किसी भी स्थिति में सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने पाए।
योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन की हो नियमित निगरानी
सांसद ने जनकल्याणकारी योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन की नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जिला स्तर पर निरीक्षण टीमों का गठन कर विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों की मौके पर जांच कराने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि केवल कागजी प्रगति पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचना चाहिए। अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों का नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण किया जाना आवश्यक है।
जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए योजनाओं की अद्यतन जानकारी
सांसद ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में संचालित विभिन्न योजनाओं की अद्यतन प्रगति से जनप्रतिनिधियों को नियमित रूप से अवगत कराया जाए। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रभावी निगरानी के साथ-साथ क्षेत्र की आवश्यकताओं एवं समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।
उन्होंने अधिकारियों से जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने तथा विकास योजनाओं को प्रभावी तरीके से धरातल पर उतारने की बात कही।
गुणवत्ता और पारदर्शिता से समझौता नहीं
बैठक में सांसद ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। सरकारी धन का सदुपयोग सुनिश्चित करते हुए निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य कराया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी योजना अथवा विकास कार्य के क्रियान्वयन में लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आती है तो उसकी गंभीरता से जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले संबंधित व्यक्ति की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए तथा शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाए।
बैठक में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में माननीय विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, माननीय विधायक सदर के प्रतिनिधि, माननीय विधायक कालपी के प्रतिनिधि, जल शक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद चौहान, माननीय विधान परिषद सदस्य के प्रतिनिधि, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एच.एन. प्रसाद, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, जिला विकास अधिकारी निशांत पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के अंत में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाते हुए पात्र लाभार्थियों को समय से योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए।