सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक में समय न गंवाएं, तुरंत अस्पताल पहुंचकर कराएं उपचार
संवाददाता
उरई/जालौन
सर्पदंश की घटनाओं को लेकर जिलाधिकारी जालौन की ओर से आमजन को जागरूक करते हुए अपील की गई है कि सांप के काटने पर घबराएं नहीं, बल्कि सही समय पर सही कदम उठाते हुए पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से सर्पदंश के मामलों में जीवन बचाया जा सकता है।
जागरूकता संदेश में लोगों से कहा गया है कि सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं तथा मरीज को शांत एवं स्थिर रखें। सांप के काटे हुए अंग को कम से कम हिलाने का प्रयास करें। अंगूठी, कड़ा, जूते अथवा टाइट कपड़े जैसी वस्तुओं को तत्काल हटा दें, ताकि सूजन की स्थिति में परेशानी न हो।
साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि सर्पदंश के बाद जहर चूसने, चीरा लगाने या किसी प्रकार की झाड़-फूंक एवं देसी इलाज में समय न गंवाएं। इसके अलावा कसकर रस्सी या पट्टी बांधकर टर्निकेट लगाने से भी बचने की सलाह दी गई है।
जागरूकता संदेश में बताया गया कि सर्पदंश की स्थिति में एंटी-स्नेक वेनम (ASV) प्रभावी उपचार है। इसलिए पीड़ित को समय पर अस्पताल पहुंचाकर चिकित्सकीय उपचार दिलाना बेहद जरूरी है। सभी अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध होने की जानकारी देते हुए लोगों से अपील की गई है कि सर्पदंश की घटना होने पर बिना देरी किए अस्पताल पहुंचें और अनमोल जीवन बचाएं।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि सर्पदंश से संबंधित किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय चिकित्सकीय सहायता लें और आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।