276 परिषदीय विद्यालयों में एक साथ पहुंचा प्रशासन, 58 अधिकारियों ने परखी शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत

बरसात के मौसम में विद्यालयों की सुरक्षा, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं की भी हुई जांच

संवाददाता
कानपुर देहात

जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देश पर जनपद में परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के तहत जनपद के विभिन्न विकासखंडों में नामित 58 जिला स्तरीय अधिकारियों ने एक साथ 276 परिषदीय विद्यालयों का स्थलीय एवं सघन निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालयों में शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, पठन-पाठन की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति, निपुण लक्ष्य की स्थिति तथा शिक्षकों की कार्यशैली का मौके पर परीक्षण किया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, शिक्षण व्यवस्था और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी ली।

ऑपरेशन कायाकल्प के 19 पैरामीटर की हुई जांच

अधिकारियों द्वारा ऑपरेशन कायाकल्प के 19 पैरामीटर के साथ-साथ विद्यालय परिसर की स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, कक्षा-कक्षों की स्थिति तथा मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता एवं वितरण व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया।

बरसात के मौसम को देखते हुए विद्यालयों में जलभराव, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालयों की उपयोगिता एवं विद्युत व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने यह भी देखा कि विद्यालय परिसर विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करा रहा है या नहीं।

हर माह कम से कम तीन विद्यालयों का होगा औचक निरीक्षण

जिलाधिकारी द्वारा नामित जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों को अपने आवंटित संकुलों के विद्यालयों का प्रत्येक माह कम से कम तीन विद्यालयों का सघन एवं औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण का उद्देश्य केवल औपचारिक जांच करना नहीं, बल्कि विद्यालयों की व्यवस्थाओं में वास्तविक सुधार सुनिश्चित करना है।

निरीक्षण की आख्या निर्धारित प्रारूप में जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जा रही है। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों एवं अनियमितताओं को आख्या में दर्ज किया जा रहा है।

लापरवाही मिलने पर तय होगी जिम्मेदारी

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों का समयबद्ध एवं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाए। जहां भी लापरवाही या उदासीनता सामने आए, वहां संबंधित कार्मिक की जवाबदेही निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों तथा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण तथा सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। विद्यालयों की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा।

उन्होंने नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों का निरीक्षण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक विद्यालय की वास्तविक स्थिति का परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।

जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि परिषदीय विद्यालयों का सघन निरीक्षण, अनुश्रवण एवं समीक्षा लगातार जारी रहेगी, ताकि विद्यालयों में अनुशासन, नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, बेहतर शैक्षिक परिणाम तथा विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

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