संवाददाता | लखनऊ
उत्तर प्रदेश विधानसभा का चार दिवसीय मानसून सत्र निर्धारित समय से पहले ही समाप्त हो गया। पहले दो दिनों तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित रही। तीसरे दिन सरकार ने अनुपूरक बजट सहित कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराया, जिसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने कानून-व्यवस्था, बिजली, किसानों, बेरोजगारी, महंगाई, गन्ना भुगतान, शिक्षा और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास किया। विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन के वेल में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे पहले दो दिन सामान्य कार्यवाही प्रभावित रही।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के रवैये पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में चर्चा और संवाद के माध्यम से जनता के मुद्दों का समाधान होना चाहिए, लेकिन विपक्ष ने बहस से बचते हुए केवल हंगामा करने का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और जनकल्याण के एजेंडे पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
तीसरे दिन सदन में अनुपूरक बजट के साथ कई विधेयकों को पारित किया गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। इस तरह चार दिन प्रस्तावित मानसून सत्र तीन दिन में ही समाप्त हो गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्र के अधिकांश समय हंगामे की वजह से कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी। वहीं सत्ता पक्ष ने सत्र को सफल बताते हुए कहा कि आवश्यक विधायी कार्य पूरे कर लिए गए, जबकि विपक्ष ने सरकार पर जनहित के सवालों से बचने का आरोप लगाया।