संवाददाता
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान परिषदीय विद्यालयों को बंद किए जाने के मुद्दे पर सरकार ने अपना पक्ष स्पष्ट किया। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने सदन में कहा कि प्रदेश सरकार ने किसी भी परिषदीय (सरकारी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक) विद्यालय को बंद नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विद्यालयों को बंद करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।
मंत्री ने विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर विद्यालयों के युक्तिकरण (Rationalisation) की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है, न कि बच्चों को शिक्षा से वंचित करना।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर सरकार का जोर
संदीप सिंह ने सदन में कहा कि राज्य सरकार परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक शिक्षण सामग्री, डिजिटल शिक्षा, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं तथा बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। इसके साथ ही छात्रों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर और मध्याह्न भोजन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी विद्यालय निजी विद्यालयों की तरह बेहतर शिक्षा प्रदान करें और अभिभावकों का विश्वास सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर और मजबूत हो।
युक्तिकरण पर विपक्ष के सवाल
विधानसभा में विपक्ष ने आरोप लगाया कि विद्यालयों के युक्तिकरण के कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों को दूर स्थित विद्यालयों में जाना पड़ सकता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। विपक्ष ने सरकार से इस प्रक्रिया की समीक्षा करने तथा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।
सरकार ने आरोपों को बताया निराधार
बेसिक शिक्षा मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सरकार किसी भी बच्चे की शिक्षा प्रभावित नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक होगा, वहां स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
शिक्षकों और संसाधनों का होगा बेहतर उपयोग
मंत्री ने कहा कि युक्तिकरण से शिक्षकों की उपलब्धता संतुलित होगी और जिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या अधिक है, वहां पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराए जा सकेंगे। इससे शिक्षण व्यवस्था में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
सदन में हुई विस्तृत चर्चा
इस मुद्दे पर विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत चर्चा हुई। विपक्ष ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई सवाल उठाए, जबकि सरकार ने अपने निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि सभी कदम छात्रों के हित और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाए जा रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने पुनः स्पष्ट किया कि किसी भी परिषदीय विद्यालय को बंद नहीं किया गया है और भविष्य में भी शिक्षा व्यवस्था को अधिक सशक्त, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए आवश्यक सुधार जारी रहेंगे।