साइबर फ्रॉड मामले में थाना सिकन्दरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, वांछित अभियुक्त गिरफ्तार

संवाददाता | कानपुर देहात

जनपद कानपुर देहात में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना सिकन्दरा पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस टीम ने साइबर फ्रॉड, रंगदारी और धमकी देने के मामले में वांछित एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है।

पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को थाना सिकन्दरा में कस्बा रसधान निवासी ग्राहक सेवा केंद्र (सीएससी) संचालक मिथुन कुमार पुत्र श्याम बाबू ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 23 जुलाई 2026 को आरोपी विनय कटियार अपने एक अन्य साथी के साथ उनके केंद्र पर आया और यूपीआई क्यूआर कोड स्कैन कर साइबर फ्रॉड से जुड़ी धनराशि विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराकर नकद रुपये प्राप्त किए।

शिकायतकर्ता के अनुसार, इसी प्रकार आरोपी ने क्षेत्र के अन्य दो ग्राहक सेवा केंद्र संचालकों के खातों का भी इस्तेमाल किया। बाद में जब संबंधित बैंक खातों में साइबर फ्रॉड की धनराशि आने के कारण बैंक द्वारा फ्रीज एवं लीन मार्क लगा दिया गया और संचालकों ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उन्हें गाली-गलौज करते हुए धमकाया। उसने कहा कि वह आगे भी इसी प्रकार उनके माध्यम से धनराशि मंगवाता रहेगा और नकद रुपये देने होंगे। आरोप है कि आरोपी ने 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगी, जान से मारने की धमकी दी तथा 15 हजार रुपये लेकर शेष रकम बाद में वसूलने की बात कहकर चला गया।

शिकायत के आधार पर थाना सिकन्दरा में मु0अ0सं0 138/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 308(2), 351(3), 352 तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। नामजद अभियुक्त विनय कटियार पुत्र अजय कटियार निवासी ग्राम जरौली, थाना डेरापुर, जनपद कानपुर देहात (वर्तमान पता: EWS-58, पार्ट-1, गंगागंज कॉलोनी, थाना पनकी, जनपद कानपुर नगर) की तलाश शुरू की गई।

विशेष अभियान के दौरान थाना सिकन्दरा पुलिस टीम ने 30 जुलाई 2026 को जरौली मोड़ के पास से अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

पुलिस पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वह साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह के संपर्क में था। गिरोह द्वारा धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि यूपीआई क्यूआर कोड के माध्यम से विभिन्न बैंक खातों में भेजी जाती थी। इसके बाद ग्राहक सेवा केंद्रों से नकद रुपये निकलवाकर गिरोह तक पहुंचाए जाते थे। इस कार्य के बदले उसे लगभग 5 प्रतिशत कमीशन मिलता था।

अभियुक्त ने बताया कि 23 जुलाई 2026 को उसने रसधान कस्बे में स्थित ग्राहक सेवा केंद्र संचालकों मिथुन राजपूत, अनुराग गुप्ता तथा इकराम खान के केंद्रों पर जाकर क्रमशः 10 हजार रुपये, 10 हजार रुपये और 30 हजार रुपये साइबर फ्रॉड की धनराशि ट्रांसफर कराकर नकद प्राप्त किए थे। बाद में जब संबंधित खातों पर बैंक द्वारा रोक लगा दी गई और संचालकों ने शिकायत की, तब उसने उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया।

गिरफ्तार अभियुक्त

  • विनय कटियार, उम्र लगभग 34 वर्ष, पुत्र अजय कटियार, निवासी ग्राम जरौली, थाना डेरापुर, जनपद कानपुर देहात। वर्तमान पता: EWS-58, पार्ट-1, गंगागंज कॉलोनी, थाना पनकी, जनपद कानपुर नगर।

बरामदगी

  • 02 एंड्रॉयड मोबाइल फोन
  • ₹1,600 नकद

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम

  • प्रभारी निरीक्षक सुधाकर सिंह
  • उपनिरीक्षक प्रशान्त कुमार, चौकी प्रभारी रसधान
  • कांस्टेबल मनीष कुमार
  • हेड कांस्टेबल रूप सिंह
  • हेड कांस्टेबल दिनेश प्रताप सिंह

कानपुर देहात पुलिस ने बताया कि जनपद में साइबर अपराधों, रंगदारी और संगठित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। आमजन से भी अपील की गई है कि साइबर धोखाधड़ी से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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