संवाददाता
उरई/जालौन
जनपद की बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित आवासीय वातावरण एवं बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बुधवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, मरोड़ा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, छात्रावास, भोजन व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं से आत्मीय संवाद कर उनकी पढ़ाई, भोजन की गुणवत्ता, आवासीय सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था एवं दैनिक दिनचर्या के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन का पालन करने तथा अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी। साथ ही उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक बालिका को सुरक्षित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों।
जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली का भी निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्राओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने तथा सभी कैमरों एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों को सुचारु रूप से संचालित रखने के निर्देश दिए।
भोजन व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समय पर भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। रसोईघर की व्यवस्था को और अधिक आधुनिक एवं सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से उन्होंने विद्यालय में रोटी बनाने की मशीन (रोटी मेकर) स्थापित कराने के निर्देश दिए, ताकि भोजन तैयार करने की प्रक्रिया अधिक सुचारु एवं स्वच्छ तरीके से संचालित हो सके। इसके साथ ही छात्राओं को स्वच्छ एवं शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तत्काल वाटर कूलर स्थापित कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्रावास, रसोईघर, भोजनालय, शौचालय, कक्षाओं एवं विद्यालय परिसर की साफ-सफाई का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देशित किया कि पूरे परिसर में नियमित सफाई, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी मानकों का पूरी गंभीरता से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण छात्राओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है तथा इसमें किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय में उपलब्ध सभी मूलभूत सुविधाओं की समय-समय पर समीक्षा की जाए तथा यदि किसी प्रकार की कमी हो तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। शासन की मंशा के अनुरूप छात्राओं को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित आवासीय वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सभी संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चौधरी, विद्यालय की अध्यापिकाएं एवं अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्राओं के हित से जुड़े प्रत्येक कार्य को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए, जिससे विद्यालय में अध्ययनरत प्रत्येक बालिका को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।