संवाददाता, उरई/जालौन
राष्ट्रीय पल्स पोलियो महाअभियान के अंतर्गत 28 जून को आयोजित होने वाले पोलियो बूथ दिवस की सफलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को जिला पुरुष चिकित्सालय, उरई से एक भव्य जनजागरूकता रैली निकाली गई। रैली को जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, नगर क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा कार्यकत्रियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, मेडिकल एवं नर्सिंग विद्यार्थियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में आमजन ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। जनजागरूकता रैली जिला पुरुष चिकित्सालय से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः चिकित्सालय परिसर में संपन्न हुई। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने “दो बूंद जिंदगी की” तथा “पोलियो मुक्त भारत” के नारों के माध्यम से लोगों को अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाने का संदेश दिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों की सुरक्षा केवल दो बूंद दवा से संभव है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपने बच्चों के साथ-साथ आसपास के बच्चों को भी पोलियो बूथ तक लाने का आह्वान किया।
सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य के लिए प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि 28 जून को आयोजित पोलियो बूथ दिवस पर 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को निकटतम पोलियो बूथ पर ले जाकर पोलियो की दवा अवश्य पिलाई जाए। उन्होंने कहा कि एक भी बच्चा छूटना पूरे अभियान की सफलता को प्रभावित कर सकता है, इसलिए प्रत्येक अभिभावक अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहभागिता करें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिनंदन प्रसाद तथा अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में अभियान के सफल संचालन हेतु व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जनपद में 1188 पोलियो बूथों एवं 590 टीमों के माध्यम से 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 2,16,833 लक्षित बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। उन्होंने सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संगठनों से भी इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग की अपील की।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक, नर्सिंग स्टाफ, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।