संवाददाता, कानपुर देहात
कानपुर देहात, दिनांक 22 जून 2026। जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार, कलेक्ट्रेट कानपुर देहात में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं शासकीय अधिवक्ताओं ने प्रतिभाग किया।
बैठक के दौरान अभियोजन कार्यों की प्रगति, न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण, साक्ष्य प्रक्रिया तथा सम्मन तामील की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार साक्ष्य हेतु नियत वादों की संख्या 2240, साक्षियों को निर्गत सम्मनों की संख्या 1246, तामिल होकर वापस प्राप्त सम्मनों की संख्या 733 तथा निर्गत वारंटों की संख्या 31 पाई गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि साक्ष्य हेतु नियत वादों एवं साक्षियों को निर्गत सम्मनों के बीच के अंतर को कम किया जाए तथा साक्ष्य प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि निर्गत वारंटों की शत-प्रतिशत तामील सुनिश्चित की जाए और सम्मन समयबद्ध ढंग से भेजे एवं तामिल कराए जाएं।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि यदि सम्मन किसी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी से संबंधित हो तो संबंधित विभाग पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित व्यक्ति वर्तमान में उसी कार्यालय में कार्यरत है या नहीं। साथ ही साक्षियों के वर्तमान तैनाती स्थल की सूचना समय से उपलब्ध कराई जाए, जिससे सम्मन तामील की प्रक्रिया में किसी प्रकार का विलंब न हो।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि आवश्यकता अनुसार साक्षियों को ऑनलाइन माध्यम से साक्ष्य उपलब्ध कराने की सुविधा प्रदान की जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया अधिक सरल एवं समयबद्ध हो सके।
बैठक में 10 वर्ष से अधिक पुराने वादों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उनकी प्रभावी पैरवी करते हुए शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पुराने प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, अतः सभी विभाग इस पर गंभीरता से कार्य करें।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि न्यायालयों में प्रस्तुत किए जाने वाले सभी अभिलेख पूर्ण, अद्यतन एवं समय से उपलब्ध कराए जाएं तथा विभागीय समन्वय स्थापित कर अभियोजन कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में अभियोजन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।