संवाददाता, कानपुर देहात
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद न्यायालय कानपुर देहात एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस” के उपलक्ष्य में मंगलवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में जागरूकता संगोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री नुपुर श्रीवास्तव ने की।
कार्यक्रम का आयोजन 26 जून 2026 को मनाए जाने वाले “नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस” की थीम “विश्व दवा समस्याः निरंतर बनी रहने वाली समस्याएं, नई चुनौतियां, अभिनव प्रतिक्रियाएं” तथा सर्वाइकल कैंसर जागरूकता अभियान के अंतर्गत किया गया।
संगोष्ठी का संचालन उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं एनसीडी नोडल अधिकारी डॉ. डी.के. सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने तंबाकू, धूम्रपान एवं नशीली दवाओं के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि इनके सेवन से ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर सहित अनेक गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने उपस्थित लोगों को नशे से बचाव एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. यतेन्द्र शर्मा ने मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कोटपा अधिनियम-2003 एवं पेका अधिनियम-2019 की जानकारी देते हुए कार्यालयों एवं संस्थानों को “तंबाकू मुक्त परिसर” घोषित करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने पर कोटपा अधिनियम की धारा-4 के तहत 200 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
एलएलबी इंटर्नशिप कर रहे छात्र शिवा तिवारी ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका, नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में पीड़ितों को मिलने वाली सहायता, पुनर्वास केंद्रों की जानकारी तथा निःशुल्क विधिक सहायता पर प्रकाश डाला। वहीं पीएलए सदस्य मधु ने आमजन से आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर विधिक सहायता प्राप्त करने की अपील की।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री नुपुर श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में नशीली दवाओं के दुरुपयोग, अवैध तस्करी एवं सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ नीति की जानकारी देते हुए विभिन्न राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबरों का उल्लेख किया, जिनमें राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण हेल्पलाइन-15100, राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन-1933, टेली मानस हेल्पलाइन-14416 एवं 1800-891-4416, राष्ट्रीय तंबाकू त्याग हेल्पलाइन-1800-11-2356 तथा राष्ट्रीय नशा मुक्ति हेल्पलाइन-14446 शामिल हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविन्द ने उपस्थित जनों को नशीली दवाओं से दूर रहने, नियमित व्यायाम, योग, पर्याप्त नींद एवं संतुलित आहार अपनाने की सलाह दी। उन्होंने महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की रोकथाम हेतु टीकाकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जनपद में अब तक लगभग 3200 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने सभी से हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी प्रतिभागियों को नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वन्दना सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.एल. वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एवं उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष बाजपेई, सीएचओ, आशा, आशा संगिनी, नर्सिंग छात्र-छात्राएं, एलएलबी के छात्र-छात्राएं तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।